सर्दियों मे सारनाथ नहीं चलाने का फरमान, तीन राज्यों के यात्री प्रभावित, विधायक अटल श्रीवास्तव ने रेलमंत्री को लिखा पत्र

(दिलीप जगवानी) : बिलासपुर – कोहरे के नाम पर सारनाथ एक्सप्रेस को पूरे 66 दिनों के लिए बंद करने के फैसले के खिलाफ अब राजनीतिक विरोध भी तेज़ हो गया है। कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने इस निर्णय को एकतरफा बताते हुए रेल मंत्री को पत्र लिखा है और ट्रेन को तुरंत बहाल करने की मांग उठाई है।
अटल श्रीवास्तव ने कहा कि हर साल कोहरे का हवाला देकर सबसे पहले यात्री ट्रेनों पर ही कैंसिलेशन की मार पड़ती है, जबकि मालगाड़ियाँ सामान्य रूप से चलती रहती हैं। उन्होंने सवाल उठाया—क्या कोहरा सिर्फ यात्री ट्रेनों पर ही उतरता है? विधायक ने आरोप लगाया कि यात्रियों की सुविधाओं की अनदेखी करते हुए सारनाथ एक्सप्रेस को 66 दिन बंद रखे जाने से छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार के हजारों यात्रियों की यात्रा योजनाएं अस्त-व्यस्त हो गई हैं।
उन्होंने बताया कि बिलासपुर से प्रयागराज जाने वाले श्रद्धालुओं और नियमित यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विधायक ने यह भी कहा कि देशभर में रेलवे ने कोहरे के नाम पर 247 यात्री ट्रेनों को 50 से 90 दिनों तक रद्द किया है, जिससे करोड़ों लोग प्रभावित हुए हैं। यह कदम समाधान नहीं, बल्कि यात्रियों की दिक्कतें बढ़ाने वाला है।
विधायक ने सवाल उठाया कि जब मालगाड़ियाँ सुरक्षित रूप से चलाई जा सकती हैं, तो आवश्यक यात्री ट्रेनों को बंद रखने का औचित्य क्या है? उन्होंने रेल मंत्री से सारनाथ एक्सप्रेस को तत्काल बहाल करने की मांग की है, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके और जनहित प्रभावित न हो।यात्री संगठन भी अब इस मुद्दे पर मुखर हैं, ऐसे में देखना होगा कि रेलवे इस मांग पर कितना जल्दी निर्णय लेता है।




