रायगढ़

अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह का पर्दाफाश, छत्तीसगढ़ से मध्यप्रदेश तक फैला था नेटवर्क, 5 गिरफ्तार

रायगढ़ पुलिस ने मानव तस्करी के एक रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले का सनसनीखेज खुलासा किया है। एक नाबालिग बच्ची, जो अपने घर की नाराजगी से निकली थी, उसे काम दिलाने का लालच देकर न केवल मध्यप्रदेश में बेच दिया गया, बल्कि उससे जबरन देह व्यापार भी कराया गया। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इस घिनौने नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है।

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मामले की शुरुआत नवंबर 2025 में हुई, जब रायगढ़ की एक 17 वर्षीय नाबालिग पारिवारिक डांट-फटकार के बाद घर से निकली थी। रास्ते में मिली एक परिचित लड़की ने उसे रायगढ़ में अच्छा काम दिलाने का झांसा दिया। वहां उसे एक संगठित गिरोह—जिसमें बिन्दिया रात्रे, चिकू खान और पूजा उर्फ चाची शामिल थे—के हवाले कर दिया गया। आरोपियों ने मासूमियत का फायदा उठाते हुए उसे बेहतर भविष्य का सपना दिखाया और सीधे मध्यप्रदेश के सागर ले गए।

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सागर पहुंचने के बाद गिरोह की क्रूरता सामने आई। आरोपियों ने नाबालिग को सुनील दीक्षित नामक व्यक्ति को डेढ़ लाख रुपये में बेच दिया। मंदिर में जबरन उसकी शादी सुनील से करा दी गई, जहां पीड़िता को बंधक बनाकर उसके साथ लगातार दुष्कर्म किया गया। किसी तरह आरोपियों के चंगुल से भागकर पीड़िता वापस रायगढ़ पहुंची, लेकिन वहां भी बिन्दिया रात्रे नामक आरोपी ने उसे डरा-धमकाकर जबरन देह व्यापार के दलदल में धकेल दिया।

पीड़िता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह ने प्रशिक्षु डीएसपी अजय नागवंशी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की। पुलिस ने पहले रायगढ़ से गिरोह की महिला सदस्यों और दलालों को गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर पुलिस की एक टीम मध्यप्रदेश रवाना हुई, जहां मुख्य खरीदार सुनील दीक्षित को छतरपुर से दबोच लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से तस्करी की रकम और मोबाइल भी बरामद किए हैं।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की गंभीर धाराओं, अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। गिरोह का एक सदस्य फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश जारी है। एसएसपी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में अनैतिक कार्यों और मानव तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि ऐसी संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

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