स्वतंत्रता दिवस : पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर का किया जिक्र, कहा – सेना ने वो कर दिखाया जो दशकों तक कभी नहीं हुआ

79वें स्वतंत्रता दिवस को लेकर देश भर में जश्न का माहौल है। मुख्य समारोह लाल किले पर हो रहा है जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 12वीं बार तिरंगा फहराया। वे राष्ट्र को संबोधित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री का यह संबोधन ऐसे समय पर हो रहा है जब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को कुछ महीने ही हुए हैं। पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि हमारे वीर जवानों ने दुश्मनों को उनकी कल्पना से परे जाकर मारा है। पहलगाम में जिस तरह से धर्म पूछ-पूछकर मार गया। पूरा हिंदुस्तान आक्रोश से भरा हुआ था। ऑपरेशन सिंदूर उसी आक्रोश की अभिव्यक्ति है। उन्होंने हर क्षेत्र में देश की आत्मनिर्भरता का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक राष्ट्र के लिए आत्मसम्मान की सबसे बड़ी अनुभूति आत्मनिर्भरता है।
पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा- हमारे वीर जवानों ने दुश्मनों को उनकी कल्पना से परे जाकर मारा है। पहलगाम में जिस तरह से धर्म पूछ-पूछकर मार गया। पूरा हिंदुस्तान आक्रोश से भरा हुआ था। ऑपरेशन सिंदूर उसी आक्रोश की अभिव्यक्ति है। 22 अप्रैल के बाद हमने सेना को खुली छूट दे दी। रणनीति. लक्ष्य, समय वो चुनें। और हमारी सेना ने वो करके दिखाया जो कई दशकों तक कभी हुआ नहीं था। सैकड़ों किलोमीटर दुश्मन की धरती में घुसकर के उन्हें मिट्टी में मिला दिया। उन्होंने कहा कि अगर फिर ऐसा दुस्साहस किया तो हम उन्हें मुंहतोड़ जवाब देंगे। हम न्यूक्लियर धमकियों से डरनेवाले नहीं हैं।
पीएम मोदी ने कहा- एक राष्ट्र के लिए आत्मसम्मान की सबसे बड़ी अनुभूति आत्मनिर्भरता है। विकसित भारत का आधार भी है आत्मनिर्भरता। दुर्भाग्य तो तब होता है जब निर्भरता की आदत लग जाती है। ये आदत खतरे से खाली नहीं हैं। इसलिए आत्मनिर्भर होने के लिए जागरूक रहना पड़ता है। आत्मनिर्भरता सिर्फ आयात-निर्यात से जुड़ा नहीं है। यह हमारे सामर्थय से जुड़ा होता है। आत्मनिर्भऱता खत्म होती है तो सामर्थ्य भी खत्म होता जाता है। इसलिए सामर्थ्य को बचाए रखने के लिए आत्मनिर्भरता जरूरी है। ऑपरेशन सिंदूर में हमने देखा कि अगर हम आत्मनिर्भर नहीं होते तो ऑपरेशन सिंदूर इतनी गति से कर पाते। हमें इसकी चिंता बनी रहती कि पता नहीं कौन हथियार-सामान देगा, नहीं देगा। लेकिन भारतीय सेना आत्मनिर्भरता के साथ लगातार अपना काम करती रही। पिछले 10 साल से हम सेना में आत्मनिर्भरता को बल देते रहे, इसलिए ऑपरेशन सिंदूर को सफलता से अंजाम दे सके।
पीएम मोदी ने कहा कि खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे। देशवासियों को अब पता चल चुका है सिंधु समझौता कितना अन्यापूर्ण है। देश की नदियों का पानी दुश्मन की धरती को सींच रहा है और हमारा किसान पानी के लिए तरस रहा है।



