सांसदों की बैठक में रेलवे अफसरों पर सवाल, घिसे पिटे जवाब और वादों से असंतोष

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : बिलासपुर में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ज़ोन मे सांसदों की बैठक में रेलवे अफसर निशाने पर रहे जनप्रतिनिधियों के सवालों के सामने अफसरों के जवाब कमजोर और गोलमोल नजर आये, जिससे बैठक में असंतोष की स्थिति बन गई। ज़ोन के जीएम तरुण प्रकाश की अध्यक्षता में हुई बैठक में वही घिसे पिटे शब्दों मे वादे दोहराये. यात्री सुविधाओं, अधोसंरचना विकास और सुरक्षा को लेकर रेलवे का प्रेजेंटेशन देखने के बाद सांसदों ने पूछा उनके सुझावों का क्या किया, ज़मीनी हकीकत पर पूछे गए सवालों का ठोस जवाब देने में अधिकारी नाकाम रहे।
केंद्रीय राज्यमंत्री एवं बिलासपुर सांसद तोखन साहू भी रेलवे अधिकारियों के रवैये से असंतुष्ट दिखे। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि केवल रिपोर्ट और आंकड़े पेश करने से यात्रियों की परेशानियां खत्म नहीं होंगी। सांसद तोखन ने अमृत भारत योजना के कार्यों में देरी, गुणवत्ता पर सवाल और हालिया ट्रेन दुर्घटना को गंभीर लापरवाही बताते हुए दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। माननीय सांसदों के पक्ष मे बोलते हुए कहा गोलमोल जवाब से उनमे नाराजगी है.
सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज ने कहा कि पिछली बैठकों में उठाए गए मुद्दे आज भी जस के तस हैं। विश्रामपुर स्टेशन पर ट्रेन ठहराव, प्लेटफॉर्म विस्तार और बुनियादी सुविधाएं अब तक कागजों से बाहर नहीं आ पाईं है।
नाराज सांसद चिंतामणि ने बैठक के औचित्य पर ही सवाल उठाये है। जांजगीर-चांपा सांसद कमलेश जांगड़े ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि ट्रेन स्टॉपेज जैसी मांगें वर्षों तक लंबित रखी जाती हैं और समाधान तब मिलता है जब दबाव बढ़ता है।
कुल जमा सांसदों की यह बैठक रेलवे अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के बजाय, उनके बचाव और टालमटोल की भेंट चढ़ती दिखी।




