बिलासपुर

सीपत में रिजर्व फॉरेस्ट पर अवैध मुरुम उत्खनन, ग्राम पंचायत सरपंच के खिलाफ वन विभाग ने दर्ज किया अपराध

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : बिलासपुर के सीपत क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां रिजर्व फॉरेस्ट की जमीन पर खुलेआम अवैध मुरुम उत्खनन किया जा रहा था। हैरानी की बात यह है कि इस मामले में ग्राम पंचायत के सरपंच की भूमिका सामने आई है। वन विभाग ने मौके पर कार्रवाई करते हुए सरपंच के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।

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सीपत के ठरकपुर इलाके में रिजर्व फॉरेस्ट की जमीन से अवैध मुरुम उत्खनन का मामला उजागर हुआ है। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने मौके पर दबिश दी, जहां उत्खनन और मुरुम के परिवहन को रंगे हाथों पकड़ा गया। जांच में सामने आया कि रिजर्व फॉरेस्ट से निकाली गई मुरुम का इस्तेमाल सड़क निर्माण कार्य में किया जा रहा था। मुरुम को जंगल से सटे एक स्कूल परिसर के पास डंप किया जा रहा था, जो पूरी तरह नियमों का उल्लंघन है। वन विभाग की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि जिस सड़क का निर्माण किया जा रहा था, वह किसी अन्य एजेंसी के टेंडर के तहत था। नियमों के अनुसार मुरुम की सप्लाई अधिकृत खदान से की जानी चाहिए थी, लेकिन इसके बजाय रिजर्व फॉरेस्ट की जमीन से अवैध उत्खनन किया गया।

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मामले को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने ग्राम पंचायत ठरकपुर के सरपंच चंद्रभूषण कश्यप के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। बिलासपुर रेंज के रेंजर शुभम मिश्रा ने बताया रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र में किसी भी प्रकार का उत्खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है। अवैध मुरुम उत्खनन के मामले में सरपंच के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। इस प्रकरण में अन्य लोगों की संलिप्तता भी सामने आई है, जिन पर आगे कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के अवैध उत्खनन से पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचता है और जंगल धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। फिलहाल वन विभाग मामले की गहन जांच कर रहा है। रिजर्व फॉरेस्ट में उत्खनन पर कार्रवाई से यह साफ है कि नियम तोड़ने वालों पर अब सख्ती बढ़ेगी। देखने वाली बात होगी कि जांच में और किन-किन लोगों की भूमिका सामने आती है।

 

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