बिलासपुर

लोकस्वर की खबर का असर : CMHO ने DEIC में किया औचक निरीक्षण, सुधार के दिए निर्देश.

(जयेन्द्र गोले) : बिलासपुर – लोकस्वर में खबर का प्रसारण होने के बाद जिला अस्पताल स्थित DEIC (जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र) में बड़ा प्रशासनिक हलचल देखने को मिला। CMHO डॉ शुभा गरेवाल और नोडल अधिकारी सौरभ शर्मा ने शनिवार को औचक निरीक्षण करते हुए सिविल सर्जन, डॉक्टरों और स्टाफ की बैठक ली और आवश्यक निर्देश दिये । अधिकारियों ने बताया कि जुलाई–अगस्त की तुलना में कुछ सुधार जरूर दिखा है और OPD संख्या के आधार पर बिलासपुर वर्तमान में राज्य में तीसरे स्थान पर है।

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हालांकि, लोकस्वर द्वारा उठाए गए मुद्दे अभी भी गंभीर रूप से बने हुए हैं। जानकारी के अनुसार DEIC का स्टाफ समय पर उपस्थित नहीं रहता। कई डॉक्टर और कर्मचारी देर से आते हैं, जल्दी चले जाते हैं, और बच्चों तक सेवाएँ प्रभावी रूप से नहीं पहुंच पा रही हैं।

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DEIC की जिम्मेदारी है विकासात्मक देरी वाले बच्चों की पहचान, थेरेपी, उपचार और नियमित फॉलो-अप, लेकिन न तो कैम्प आयोजित हो रहे हैं, न स्कूलों में स्क्रीनिंग और न ही ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच कार्यक्रम। विशेषज्ञों का कहना है कि यह लापरवाही बच्चों के भविष्य को गहरा नुकसान पहुँचा सकती है।

अब निगाहें इस पर हैं कि क्या DEIC इन खामियों को हटाकर विभाग को पटरी पर ला पाएगा, या यह व्यवस्था फिर कागजों में ही सीमित रह जाएगी।और निरिक्षण के बाद सब कुछ ठिक होने का दावा किया जाता रहेगा.दरसल स्वास्थ्य विभाग में मनमर्जी और अधिकारियों की खुली छूट के कारण DEIC जैसे कई महत्वपूर्ण जगहो पर नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है. क्योंकि मन मुताबिक पोस्टिंग प्रकार अपने हिसाब से काम करना स्वास्थ्य विभाग में कोई नई बात नहीं है. जिस काम काम के एवज मे चिकित्साको और कर्मचारियों को मोटी तनख्वाह मिलती है, उन पर किसी का नियंत्रण नहीं हैँ.

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