छत्तीसगढ़ में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट: मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने 17 जुलाई के लिए भारी वर्षा और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। उत्तर और दक्षिण दोनों छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियों में तेज़ी आने के संकेत मिल रहे हैं।
एक चिन्हित निम्न दाब का क्षेत्र इस समय दक्षिण-पश्चिम बिहार और उससे लगे पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर सक्रिय है। इस सिस्टम के साथ ऊपरी हवा में 7.6 किलोमीटर तक चक्रीय परिसंचरण बना हुआ है, जो अब पश्चिम उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ओर जाने की संभावना है।
मानसून द्रोणिका उत्तर-पश्चिम राजस्थान, ग्वालियर, दक्षिण-पश्चिम बिहार, पुरुलिया, कोंटई होते हुए उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इस सिस्टम के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियाँ तेज़ हो रही हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, 17 जुलाई को प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा के साथ-साथ उत्तर छत्तीसगढ़ के जिलों—जैसे सरगुजा, बलरामपुर, सूरजपुर—में एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है। साथ ही वज्रपात और गरज-चमक की भी चेतावनी दी गई है।
प्रदेश में कल से दक्षिण छत्तीसगढ़ जैसे बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा में भी वर्षा की गतिविधियाँ बढ़ने की संभावना जताई गई है।
लोगों को सावधान रहने और बिजली गिरने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों में रहने की सलाह दी गई है।
पिछले 24 घंटों में सूरजपुर, बलरामपुर और बलौदाबाजार जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा दर्ज की गई। रामानुजगंज में सबसे अधिक 12 सेमी, चलगली में 11 सेमी, सुहेला और दौरा कोचली में 10-10 सेमी बारिश दर्ज की गई है।
मौसम विभाग की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है। विशेषकर बिजली गिरने के दौरान खुले में न जाएं,
पेड़ों के नीचे शरण न लें और मोबाइल का उपयोग बंद रखें।
छत्तीसगढ़ में एक बार फिर से मानसून की दस्तक ज़ोरदार हो सकती है। हम आपसे अपील करते हैं कि मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें और सतर्क रहें।




