ओपीडी और वार्डों में टैब से डिजिटल होगा जिला अस्पताल….

(जयेन्द्र गोले) : बिलासपुर – जिला अस्पताल अब पूरी तरह से हाईटेक और इलाज की डिजिटल प्रणाली की ओर बढ़ रहा है।मरीजों की सुविधा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में नया सॉफ्टवेयर इस्तेमाल मे लाया जा रहा जिससे मरीजों को कई सुविधाएं मिलेंगी और डॉक्टरों का काम भी पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है।
NexGen सॉफ्टवेयर के माध्यम से अब मरीजों की पूरी जानकारी ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। इसका मतलब यह है कि मरीजों को हर बार अपने बारे मे दोहराने की जरूरत नहीं होगी। डॉक्टर अब टैबलेट पर ही मरीज की मेडिकल हिस्ट्री, टेस्ट रिपोर्ट और इलाज का पूरा ब्यौरा देख सकेंगे, इससे पेपरलेस वर्क को बढ़ावा मिलेगा.डॉक्टरों को इस नये सॉफ्टवेयर का लाभ देने के लिए जीवन दीप समिति ने जिला अस्पताल के डॉक्टरों को टैबलेट मुहैया कराए गए हैं, जिनकी कीमत लगभग 20 हजार रुपये प्रति टैबलेट बताई गई है। ये टैबलेट डॉक्टर कहीं से भी इस्तेमाल कर सकते हैं और मरीज की जानकारी तुरंत एक्सेस कर सकते हैं।
ओपीडी के साथ-साथ अब वार्ड, लैब, एक्स-रे यूनिट और अन्य चिकित्सा विभागों में भी लैपटॉप और कंप्यूटर लगाए गए हैं। इन डिवाइस में मरीजों का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप से उपलब्ध रहेगा। इससे हर विभाग के डॉक्टर और टेक्नीशियन को तत्काल मरीज की जानकारी मिल सकेगी। इस व्यवस्था को और भी कारगर बनाने के लिए आभा ऐप को भी इलाज प्रक्रिया से जोड़ा गया है। अगर मरीज आभा ऐप से ओपीडी रजिस्ट्रेशन करते हैं, तो उनका पूरा मेडिकल रिकॉर्ड उनके फोन में रहेगा, जिसे वे जब चाहें किसी भी डॉक्टर को दिखा सकते हैं। डिजिटल हेल्थ मिशन की दिशा में यह कदम बिलासपुर जिले के लिए अहम है। इससे न केवल इलाज प्रक्रिया तेज़ और पारदर्शी होगी, बल्कि मरीजों को बेहतर सुविधाएं और डॉक्टरों को स्मार्ट वर्किंग सिस्टम मिलेगा। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में यह मॉडल प्रदेश के अन्य अस्पतालों में भी अपनाया जाएगा।




