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महाराष्ट्र में गाय को मिला ‘राज्य माता’ का दर्जा, शिंदे सरकार का फैसला..

महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार ने गाय को ‘राज्य माता’ का दर्जा दिया है। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले लिए गए इस फैसले को हिंदुत्व के नाम पर लोगों को लुभाने वाला माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि भारत की संस्कृति और हिंदुत्व में गाय की बड़ी महिमा है। इसलिए गाय का संरक्षण किया जाएगा। इसलिए उसे राज्य माता का दर्जा दिया जा रहा है।

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इसका ऐलान करते हुए डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा, ‘देसी गायें हमारे किसानों के लिए वरदान हैं। इसलिए हमने उन्हें राज्य माता का दर्जा देने का फैसला लिया है। हमने यह भी तय किया है कि गोशालाओं में गायों के संरक्षण की व्यवस्था की जाए।

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इसके लिए सरकार हरसंभव प्रयास करेगी।’ गायों के संरक्षण के लिए सरकार प्रति दिन 50 रुपये का भत्ता भी जारी करेग

इस संबंध में राज्य के डेयरी विकास विभाग की ओर से नोटिफिकेशन भी जारी हो गया है। इसमें कहा गया है कि प्राचीन काल से ही भारत में लोगों की जिंदगी में गायों का अहम स्थान रहा है। इस नोटिफिकेशन में कहा गया है कि गाय का वैज्ञानिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। इसीलिए गाय को कामधेनु कहा जाता रहा है।

मराठवाड़ा में गायों की कई देसी नस्लें मौजूद हैं, जैसे- मराठवाड़ा में देवनी और लाल कंधारी। इसके अलावा पश्चिम महाराष्ट्र में खिल्लर और उत्तर महाराष्ट्र में डांगी नस्ल की गायें हैं।

डेयरी विभाग ने अपने आदेश में कहा कि राज्य में तेजी से देसी गायों की नस्ल कम हो रही है। इसलिए यह जरूरी है कि उनका संरक्षण किया जाए। विभाग की ओर से कहा गया कि देसी गाय की हमारी डाइट में भी महत्ता रही है।

घी से लेकर गोबर, मूत्र तक का इस्तेमाल आयुर्वेद में बताया गया है। इसलिए गाय को हम राज्य माता का दर्जा दे रहे हैं। सरकार ने कैबिनेट मीटिंग के दौरान गायों के संरक्षण के लिए एक स्कीम का भी ऐलान किया।

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