केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: अरावली पहाड़ियों में नए खनन पट्टों पर पूरी तरह रोक

अरावली पहाड़ियों को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा और अहम फैसला लिया है। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने अरावली रेंज में किसी भी तरह के नए खनन पट्टे देने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश सभी राज्यों को जारी कर दिए हैं। सरकार ने साफ कहा है कि वह अरावली पहाड़ियों के संरक्षण और जैव विविधता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
दिल्ली से गुजरात तक फैली अरावली रेंज को अवैध और अनियमित खनन से बचाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। मंत्रालय के अनुसार, यह रोक पूरी अरावली रेंज पर समान रूप से लागू होगी, ताकि इस प्राचीन और महत्वपूर्ण भूवैज्ञानिक संरचना की अखंडता बनी रहे। साथ ही, इंडियन काउंसिल ऑफ फॉरेस्ट्री रिसर्च एंड एजुकेशन (ICFRE) को निर्देश दिए गए हैं कि वह पूरे अरावली क्षेत्र में ऐसे और इलाकों की पहचान करे, जहां खनन पर प्रतिबंध लगाया जाना जरूरी है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो खदानें पहले से संचालित हैं, उनके मामले में राज्य सरकारें पर्यावरणीय सुरक्षा मानकों और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करेंगी। चल रही खनन गतिविधियों को अतिरिक्त शर्तों और कड़े नियंत्रण के तहत संचालित किया जाएगा।
गौरतलब है कि नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पहाड़ियों और अरावली रेंज की एक समान कानूनी परिभाषा को मंजूरी दी थी, जिसके बाद इस मुद्दे पर देशभर में चर्चा और विवाद तेज हो गया था। केंद्र सरकार के इस फैसले को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।




