छत्तीसगढ़बिलासपुर

असुरक्षा से घिरे निवासियों का फरेब के स्वर्णिम ऐरा से मोह भंग, बच्ची की नृशंस हत्या के बाद भी प्रशासन मौन

 

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(भूपेंद्र सिंह राठौर) : स्वर्णिमा ऐरा कॉलोनी के रहवासी आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। सुरक्षा और सुविधाओं के बड़े-बड़े वादे कर महंगे दामों में मकान बेचने वाले कॉलोनाइजर एसआर साहू और SRISHTI, INTRABUILD PVT. LTD. ने लोगों को असुरक्षित माहौल में छोड़ दिया है। मेंटेनेंस के नाम पर हजारों रुपये वसूले जा रहे हैं, लेकिन स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि एक मासूम बच्ची की हत्या जैसी भयावह घटना घट गई। इसके बावजूद बिल्डर और प्रशासन पूरी तरह मौन हैं।

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यह है स्वर्णिमा ऐरा कॉलोनी, जिसे सुरक्षित और आधुनिक आवासीय परिसर के रूप SRISHTI, INTRABUILD PVT. LTD. द्वारा बेचा जा रहा है, लेकिन अब यह असुरक्षा का केंद्र बन चुकी है। रहवासियों की मानें तो शाम होते ही असामाजिक तत्व कॉलोनी में घुस आते हैं।

नशाखोरी, गाली-गलौज और झगड़े अब आम हो चुके हैं, जिससे परिवारों का रहना दूभर हो गया है। रहवासियों का कहना है कि जब उन्होंने मकान खरीदा था, तब कॉलोनाइजर ने तमाम सुविधाएं देने का वादा किया था, और लोगों से मेंटेनेंस के नाम पर हजारों रुपये वसूले जा रहे हैं, लेकिन स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है। आज स्थिति यह है कि कोई भी यहां आकर गुंडागर्दी कर सकता है।

रहवासियों का आक्रोश तब और बढ़ गया जब एक मासूम बच्ची की निर्मम हत्या कर दी गई। आरोप है कि एक नाबालिग लड़के ने पोर्न वीडियो देखकर बच्ची से दुष्कर्म की कोशिश की, और नाकाम रहने पर उसकी हत्या कर दी। इस घटना के बाद इलाके में दहशत और गुस्से का माहौल है।

इस घटना से गुस्साए रहवासियों ने नगर निगम और पुलिस से कई बार शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब लोगों ने एसपी से मुलाकात कर कॉलोनाइजर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।एसपी ने कहा कि हमने बिल्डर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है, और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस पूरे मामले में गीतांजलि कंस्ट्रक्शन के एसआर साहू और SRISHTI, INTRABUILD PVT. LTD पर गंभीर आरोप लग रहे हैं। टीएनसी अप्रूवल में जालसाजी, ईडब्ल्यूएस जमीन के फर्जी हस्तांतरण और अवैध कब्जों के मामले भी सामने आए हैं।

बिल्डर्स द्वारा किए गए झूठे वादों और प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा अब आम जनता भुगत रही है। अब देखने वाली बात होगी कि रहवासियों की आवाज़ कब तक अनसुनी की जाती है, या फिर आखिरकार उन्हें न्याय मिलेगा?

 

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