बिलासपुर पुलिस का “प्रहार”: ऑनलाइन सट्टा किंग ‘राजा बजाज’ रायपुर से गिरफ्तार, ₹45 लाख की संपत्ति जब्त..

(आशीष मौर्य संपादक) : बिलासपुर पुलिस द्वारा अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “प्रहार” के तहत ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क पर अब तक की बड़ी कार्यवाही की गई है। पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के निर्देशन में साइबर सेल और सिविल लाइन पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्यवाही करते हुए गिरोह के मुख्य सरगना सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
फरारी काट रहे इनामी आरोपी की गिरफ्तारी : लंबे समय से फरार चल रहे ₹5000 के इनामी आरोपी राजेश उर्फ राजा बजाज और उसके साथी प्रदीप खत्री को पुलिस ने रायपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी लगातार अपनी लोकेशन और मोबाइल बदलकर पुलिस को चकमा दे रहे थे, जिन्हें टेक्निकल टीम की मदद से घेराबंदी कर पकड़ा गया।
नेटवर्क और तरीका-ए-वारदात : जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी “रिक्की” पैनल के माध्यम से Aviator, Wingo, Casino और Horse Riding जैसे गेम पर दांव लगवाते थे।वही टेलीग्राम और व्हाट्सएप के जरिए पैन इंडिया स्तर पर ग्राहकों को जोड़ा जाता था।सट्टे के पैसों के लेनदेन के लिए फर्जी सिम कार्ड और दूसरों के बैंक खातों का उपयोग किया जाता था।बाद मे मुनाफे का 65% हिस्सा हेड ऑफिस और 35% हिस्सा स्थानीय ब्रांच को मिलता था।
पुरानी कड़ियों से खुला राज : इस मामले की शुरुआत 21 दिसंबर 2025 को हुई थी, जब पुलिस ने सटोरिया मनोज पोपटानी को गिरफ्तार किया था। मनोज से पूछताछ में राजेश उर्फ राजा बजाज और प्रदीप खत्री के नाम सामने आए थे। तब से ये दोनों आरोपी पुलिस को चकमा देने के लिए लगातार अपने ठिकाने और मोबाइल नंबर बदल रहे थे।
भारी मात्रा में जप्ती : पुलिस ने आरोपियों के पास से लगभग ₹45,00,000 की संपत्ति बरामद की है, जिसमे नगदी ₹6,90,000/- कैश, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, आईफोन 17 प्रो, आईफोन 16 प्रो, सैमसंग S25 अल्ट्रा और एचपी पवेलियन लैपटॉप, होंडा सिटी, मारुति ब्रेजा, स्विफ्ट डिजायर और एक्टिवा, 05 बैंक पासबुक, चेकबुक और सट्टे के हिसाब-किताब वाले 02 मुख्य रजिस्टर जप्त कियें गए है.
रायपुर में दी दबिश : पुलिस को तकनीकी इनपुट मिला कि आरोपी रायपुर में छिपकर अपना नेटवर्क संचालित कर रहे हैं। साइबर सेल की टेक्निकल टीम की मदद से घेराबंदी कर राजा बजाज और प्रदीप खत्री को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे बिलासपुर और रायपुर समेत विभिन्न महानगरों में ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के जरिए सट्टा खिलाते थे।
फर्जी खातों का मायाजाल : आरोपी सट्टे की रकम के लेनदेन के लिए आम जनता को कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खातों और फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल करते थे। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, नगदी, बैंक पासबुक, चेक बुक, एटीएम कार्ड और 02 रजिस्टर बरामद किए गए हैं, जिनमें लाखों रुपये के सट्टे का विस्तृत हिसाब-किताब दर्ज है।




