छत्तीसगढ़

भारत माला प्रोजेक्ट मुआवजा घोटाला: 23.35 करोड़ की संपत्ति जब्त, ईडी की बड़ी कार्रवाई

रायपुर – प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने भारतमाला परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण मुआवजे में हुए करोड़ों के घोटाले का खुलासा किया है। इस मामले में ईडी ने 23 करोड़ 35 लाख रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है।

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मामला रायपुर-विशाखापत्तनम राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना से जुड़ा है, जहां भूमि अधिग्रहण के दौरान मुआवजे में भारी हेराफेरी की गई। ईडी ने यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम यानी पीएमएलए के तहत की है। जांच की शुरुआत आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा और एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई थी।

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जांच में खुलासा हुआ कि हरमीत सिंह खानुजा और उसके सहयोगियों ने जमीन दलालों, निजी व्यक्तियों और कुछ सरकारी कर्मचारियों के साथ मिलकर एक आपराधिक साजिश रची। इसमें राजस्व रिकॉर्ड में छेड़छाड़ कर जमीन का फर्जी उपविभाजन किया गया, जिससे मुआवजे की राशि को कई गुना बढ़ाकर दिखाया गया।

 

इतना ही नहीं, भूस्वामियों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उनमें मुआवजे की रकम डाली गई और फिर पहले से साइन किए गए चेक और दस्तावेजों के जरिए बड़ी रकम आरोपियों के खातों में ट्रांसफर कर दी गई। जांच में सामने आया है कि करीब 27 करोड़ 5 लाख रुपये की हेराफेरी हुई, जिसमें से 23.35 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का पता लगाया गया है।

 

फिलहाल ईडी की कार्रवाई जारी है और इस पूरे मामले में आगे की जांच भी की जा रही है। संभावना है कि आने वाले दिनों में इस घोटाले से जुड़े और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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