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छत्तीसगढ़

प्रशिक्षु अप्रेंटिस की करंट से गई जान, प्रदर्शनकारी प्रशिक्षुओं ने रेलवे प्रबंधन पर लगाया लापरवाही का आरोप…..

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : बिलासपुर : जोनल स्टेशन के करीब बीसीएन यार्ड में मंगलवार को एक अप्रेंटिस की करंट लगने से मौत हो गई। इसके बाद नाराज प्रशिक्षुओं ने अस्पताल का घेराव कर हंगामा शुरू कर दिया। इस घटना के लिए उन्होंने रेल प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है ।

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रेलवे के बीसीएन डिपो में अप्रेंटिस प्रशिक्षण ले रहे हैं। इन्हीं में एक महाराष्ट्र जलगांव निवासी प्रसाद गजानन काले अन्य तीन अप्रेन्टिस के साथ रोज की तरह डिपो में मरम्मत कार्य के लिए पहुंचा था। वैगन में वेल्डिंग करने के दौरान वह करेंट की चपेट में आ गया। यह देखकर अन्य सहयोगी उसे बचाने का प्रयास किया। लेकिन, अप्रेंटिस प्रसाद गजानन की मौत हो गई।

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हालांकि उसे तत्काल रेलवे अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर सुनते ही सभी प्रशिक्षु रेलवे अस्पताल पहुंच गए। रेल प्रशासन की लापरवाही के कारण साथी प्रशिक्षु की मौत होने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा करने लगे। देखते ही देखते माहौल गरमा गया। इस पर अस्पताल प्रबंधन ने आरपीएफ को इसकी खबर दी. घटना की जानकारी मिलने के बाद एडीआरएम अस्पताल पहुंचे. उन्होंने प्रशिक्षुओं को समझाने का प्रयास किया।

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लेकिन, वह मुआवजा व मृतक के परिवार के सदस्य को रेलवे में नौकरी देने की मांग पर अड़ गए. कुछ देर गर्माहट का माहौल था बाद मे एडीआरएम के सन्तोषप्रद आश्वासन के बाद सभी का गुस्सा शांत हुआ. तारबाहर पुलिस थाना से आये पुलिस कर्मी पोस्टमार्टम कराने शव अपने साथ लेकर गए.
प्रशिक्षु अप्रेन्टिस की मौत पर हंगामा मचा रहे उनके साथियों का कहना है।


प्रसाद गजानन काले फिटर ट्रेड से था जबकि उससे इलेक्ट्रीक कार्य लिया जा रहा था. प्रशिक्षुओं का आरोप है कि रेलवे की लापरवाही की वजह से यह घटना हुई है। कार्य के दौरान केवल टूल बाक्स दिया था। सुरक्षा के नाम पर रेलवे ने ग्लब्स तक नहीं दिया। यदि वह ग्लब्स पहना होता तो करेंट नहीं लगता।

हंगामा कर रहे लोगो ने एसएससी पर आरोप लगाया है कि जब सुरक्षा उपकरण की मांग करते है, तो मना कर चुप रहने धमकी दी जाती है इसी व्यवस्था मे ट्रेनिंग लेने बाध्य किया जाता है.

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