बिलासपुर

EXCLUSIVE : भुइयां ऐप मे हुई गड़बडी का जमीन दलाल ने उठाया फायदा, राजस्व और रजिस्ट्री कार्यालय के अधिकारियों से साठगांठ कर बेच दी जमीन.

(आशीष मौर्य संपादक/ मयंक सिंह क्षत्रिय) : बिलासपुर – भुईयां ऐप में हुई गड़बड़ी का फायदा दलाल ने उठाया और फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन को बेच दिया, यह पूरा मामला देवरीखुर्द का है, वर्ष 2015-16 में जब राजस्व रिकॉर्ड को ऑनलाइन दर्ज किया गया, तो उसमें एक बड़ी तकनिकी गड़बड़ी हो गई. कई खसरे दोबारा चढ़ गए , और भूमि स्वामी का नाम दो दो बार दिखने लगा.दरअसल ऑनलाइन जब रिकॉर्ड दर्ज किया जा रहे थे तब तकनीकी फाल्ट के चलते यह गड़बड़ी हुई.

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पीड़ित

इसका फायदा जमीन दलाल ने उठाया और राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर जमीन बेच दी. अब हम आपको समझते हैं की दो दो बार खसरे में नाम कैसे चढ़ा. माया देवी ने वर्ष 1992 में खसरा नंबर 38/1 रकबा 2400 वर्ग फुट जमीन विक्रय किया. माया देवी पति लक्ष्मी शंकर सिंह ने वर्ष 2008 में अपनी जमीन को सौखी लाल भार्गव को विक्रय किया. सौखी लाल भार्गव ने वर्ष 2020 तक नामांतरण नहीं कराया. लेकिन भुइया ऐप मे तकनीकी गड़बड़ी के कारण माया देवी का जो सही खसरा था 38/12 के साथ साथ एक और खसरा 38/21 भी ऑनलाइन दिखा रहा था, जो आज भी भुइयां ऐप में देखा जा सकता है.

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फर्जी बी -1,खसरा नम्बर :-38/21 जिसके दस्तावेज तैयार कर जमीन को दो टुकड़ो मे बेचा गया
असली बी-1 जो आज वर्त्तमान मे शिकायतकर्ता सौखी लाल भार्गव के नाम जमीन दर्ज है.खसरा नम्बर :-38/12

इसी का फायदा उठाते हुए जमीन दलाल बजरंग प्रसाद गौतम ने अपने साथियों शायक हुसैन और विकाश कुमार गुप्ता के साथ मिलकर. फर्जी पॉवर ऑफ़ अटॉर्नी बनाया, जिसमें फर्जी माया देवी नाम की महिला को खड़ा करके उसका फर्जी आधार कार्ड लगाकर, और पटवारी से मिलकर ऋण पुस्तिका बनवाकर जमीन की दो टुकड़ों में रजिस्ट्री कर दी.

बजरंग प्रसाद गौतम (जमीन दलाल )

इस पूरे मामले में नायब तहसीलदार नेहा विश्वकर्मा ।ने जांच के आदेश दिए हैं. वही मामले की शिकायत पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक और थाना सिविल लाइन में किया गया है.

नायब तहसीलदार नेहा विश्वकर्मा

अरविंद कुमार गुप्ता और सुषमा गुप्ता को बेचीं फर्जी दस्तावेज के आधार पर जमीन :-

जमीन दलाल बजरंग प्रसाद गौतम ने माया देवी पति लक्ष्मीशंकर सिंह का फर्जी दस्तावेज तैयार कर किसी अन्य महिला को पंजीयन कार्यालय मे खड़ा कर मुख्तियार आम बनाया, और उसी के सहारे अरविंद कुमार गुप्ता को और सुषमा गुप्ता को दिनांक 13 फरवरी 2020 को जमीन रजिस्ट्री कर दिया. इस रजिस्ट्री में सबसे हैरान कर देने वाली बात यह है कि,भुईयां ऐप मे जो माया देवी का दूसरा खसरा 38/21 दिख रहा था, उसमें जमीन दलाल बजरंग प्रसाद गौतम ने खसरा नंबर 38/12 का बी वन, पी टू लगाकर पंजीयन कार्यालय में पेश किया, जिस पर रजिस्ट्रार की नजर भी नहीं पड़ी, क्योंकि पूरा मामला लेनदेन से जुड़ा हुआ था. जमीन दलाल बजरंग प्रसाद गौतम ने राजस्व और पंजीयन कार्यालय के अधिकारियों के साथ साठगांठ करते हुए यह पूरा खेल किया. और फर्जी दस्तावेज के सहारे 2400 वर्ग फुट जमीन को बेच दिया.

जमीन दलाल बजरंग प्रसाद गौतम ने शासकीय घास भूमि को बेचने किया था सौदा हुआ मामला दर्ज :-

जमीन दलाल बजरंग प्रसाद गौतम ने वर्ष 2023 में ऐसे ही सरकंडा क्षेत्र में सरकारी शासकीय घास भूमि को बेचने के लिए किये गए सौदे के मामले में उसके खिलाफ सरकंडा थाना में धारा 420 का मामला दर्ज है. बताया जा रहा है की जमीन दलाल ने ऐसी कई जमीनों को फर्जी दस्तावेज तैयार कर बेचा है उसकी भी जाँच चल रही है.

आईजी, एसपी, थाना सिविल लाइन और एसडीएम से हुई शिकायत:- 

पीड़ित सौखी लाल भार्गव ने मामले की लिखित शिकायत पुलिस महानिरीक्षक डॉ संजीव शुक्ला, पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, थाना प्रभारी सिविल लाइन और एसडीम बिलासपुर से की है, अपने लिखीत शिकायत में पीड़ित ने बताया कि मामले की अगर निष्पक्षता से जांच हुई, तो जमीन दलाल बजरंग प्रसाद गौतम के द्वारा किए गए और भी मामलों का खुलासा होगा. फर्जी दस्तावेज तैयार कर किए गए जमीन के रजिस्ट्री मामले में पीड़ित ने न्याय की गुहार लगाई है.

खसरा नम्बर 38/12 का बी वन लगाकर,की गयी फर्जी रजिस्ट्री :- माया देवी पति लक्ष्मी शंकर सिंह की खसरा नम्बर 38/12 मे 2400 वर्ग फुट जमीन थी. 2015-16 में जब राजस्व रिकॉर्ड ऑनलाइन हुए तब माया देवी पति लक्ष्मी शंकर सिंह का दो बार खसरा दिखने लगा. जिसमे पहले जो सही खसरा है वह 38/12 है, वही जो दूसरा खसरा जो तकनीकी गड़बड़ी के कारण दिखने लगा जो गलत है वह खसरा नंबर 38/21 है. इसी दूसरे खसरे 38/21 पर जमीन दलाल बजरंग प्रसाद गौतम की नजर पड़ी और उसने किसी अन्य महिला को माया देवी बनाकर, उसका फर्जी दस्तावेज बनाकर मुख्तियार आम लिया, और जमीन को दो टुकड़ों में बेच दिया.

खसरा नंबर 38/21 की जमीन बेची गई जिसमें खसरा नंबर 38/12 का बी-1 लगाया गया
जमीन बेचीं गयी खसरा क्रमांक 38/21 की और रजिस्ट्री मे लिखा गया 38/12 मे से.

फर्जी दस्तावेज के सहारे बेची गई दोनों जमीन अरविंद कुमार गुप्ता और सुषमा गुप्ता को विक्रय की गई है, जो की खसरा नम्बर 38/21 हैँ.अरविंद कुमार गुप्ता और सुषमा गुप्ता के रजिस्ट्री पेपर में खसरा नंबर 38/12 का बी-1 लगाकर रजिस्ट्री कराया गया है, जो की पंजीयन कार्यालय के रजिस्ट्रार के साथ साठ गांठ करके करना प्रतीत होता है.

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