17 लाख की इनामी महिला नक्सली ने किया आत्मसमर्पण, शासन की पुनर्वास नीति से हुई प्रभावित

छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ में नक्सल मोर्चे पर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। यहाँ 17 लाख रुपए की इनामी महिला नक्सली कमला सोडी उर्फ उंगी उर्फ तरुणा ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है।
कमला सोडी साल 2011 से माओवादी संगठन से जुड़ी थी और दंडकारण्य क्षेत्र सहित MMC जोन में संगठनात्मक और हिंसक गतिविधियों में सक्रिय थी। लंबे समय तक पुलिस के लिए सिरदर्द रही कमला ने अब शासन की नक्सल पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर हिंसा का रास्ता छोड़ने का फैसला किया है।
आत्मसमर्पण की यह कार्रवाई आईजी राजनांदगांव अभिषेक शांडिल्य और खैरागढ़ एसपी के समक्ष हुई। पुलिस ने समर्पण के बाद शासन की नक्सल उन्मूलन नीति के तहत कमला सोडी को 50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आईजी राजनांदगांव ने बताया कि कमला सोडी ने आत्मसमर्पण से पहले लगभग 12 घंटे पैदल चलकर खैरागढ़ पहुंचकर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। पूछताछ में पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी मिली हैं, जिनका खुलासा सुरक्षा कारणों से फिलहाल नहीं किया गया है।
नक्सल मोर्चे पर खैरागढ़ पुलिस की यह बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर अन्य नक्सली भी जल्द ही हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटेंगे।



