बिल्हा में फिर सक्रिय हुए झोलाछाप डॉक्टर, कार्रवाई की तैयारी में स्वास्थ्य विभाग

(धीरेन्द्र मेहता) : बिलासपुर – बिल्हा विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टरों का अवैध इलाज एक बार फिर चिंता का विषय बन गया है। मोहदा ग्राम पंचायत सहित आसपास के गांवों में बिना मान्यता और वैध चिकित्सकीय डिग्री के कई लोग मरीजों का उपचार कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इनकी गतिविधियों पर लंबे समय से प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है।जानकारी के अनुसार, करीब छह माह पहले ब्लॉक मेडिकल अधिकारी डॉ. एस.के. गुप्ता के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मोहदा में छापामार कार्रवाई की थी। उस दौरान एक अवैध क्लिनिक को सील किया गया था, जबकि अन्य कई संचालक मौके से फरार हो गए थे। यह कार्रवाई मितानिनों की शिकायत के बाद की गई थी।
ग्रामीणों का कहना है कि कार्रवाई के बाद कुछ झोलाछाप डॉक्टरों के परिजनों ने शिकायत करने वाली मितानिनों को धमकाया और अभद्र व्यवहार किया, जिसके चलते अब स्वास्थ्य कार्यकर्ता खुलकर शिकायत करने से हिचक रहे हैं। उनका आरोप है कि मोहदा में हेमंत रजक, बुधारी रजक, मेलूराम मिरी, लक्ष्मण साहू और साधराम सोचे सहित कई लोग बिना वैध अनुमति के इलाज कर रहे हैं।ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से दोबारा सघन अभियान चलाकर अवैध क्लीनिकों पर कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए गए तो किसी बड़ी अनहोनी से इंकार नहीं किया जा सकता।
इस संबंध में ब्लॉक मेडिकल अधिकारी डॉ. एस.के. गुप्ता ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। जल्द ही टीम गठित कर जांच कराई जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अब यह देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग की प्रस्तावित कार्रवाई केवल आश्वासन तक सीमित रहती है या वास्तव में अवैध रूप से इलाज करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई कर ग्रामीणों को राहत मिलती है।




