बिलासपुर

बिलासपुर रेलवे स्टेशन जाने वालों के लिए अलर्ट, गेट नंबर-4 बंद, बदल गया रास्ता

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : बिलासपुर – अगर आपकी ट्रेन बिलासपुर रेलवे स्टेशन से है, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। आज यानी 10 जुलाई से बिलासपुर रेलवे स्टेशन का गेट नंबर-4 पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अब इस गेट से न तो यात्रियों की एंट्री होगी और न ही वाहन पहुंच सकेंगे। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्य के कारण मुख्य मार्ग भी बंद हो गया है। ऐसे में अगर आप पुराने रास्ते से स्टेशन पहुंचने की कोशिश करेंगे, तो आपको वापस लौटकर लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा और आपकी ट्रेन भी छूट सकती है। इसलिए घर से समय से पहले निकलें और केवल वैकल्पिक मार्ग का ही इस्तेमाल करें।

Advertisement

बिलासपुर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य के तहत गेट नंबर-4 के सामने नई स्टेशन बिल्डिंग का निर्माण शुरू हो गया है। इसके चलते बुधवारी बाजार मेन रोड से मुल्कराज होटल के सामने होकर गेट नंबर-4 तक जाने वाला रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया है। यह वही रास्ता था, जिसका रोजाना हजारों यात्री, ऑटो, टैक्सी और निजी वाहन इस्तेमाल करते थे। लेकिन अब इस मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है।

Advertisement

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय किया है। गेट नंबर-4 की ओर जाने वाले यात्रियों को अब एनई कॉलोनी के सामने से बुधवारी बाजार के पीछे वाले रास्ते से होकर जाना होगा। वहीं शहर की ओर से आने वाले अधिकांश यात्रियों को गेट नंबर-1 और गेट नंबर-2 का उपयोग करना होगा। नए रूट के कारण स्टेशन पहुंचने में पहले की तुलना में अधिक समय लग सकता है, इसलिए जल्दबाजी करने वाले यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

 

इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, दिव्यांग यात्रियों, छोटे बच्चों के साथ सफर करने वालों और भारी सामान लेकर आने वाले लोगों पर पड़ेगा। वहीं गेट नंबर-1 और 2 पर यात्रियों की संख्या बढ़ने से भीड़ बढ़ने की भी संभावना है। रेलवे प्रशासन ने साफ कहा है कि निर्माण कार्य पूरा होने तक यही व्यवस्था लागू रहेगी।

 

एक बार फिर आपको बता दें… अगर आपकी ट्रेन बिलासपुर रेलवे स्टेशन से है, तो पुराने रास्ते पर जाने की गलती बिल्कुल न करें। समय से पहले घर से निकलें, वैकल्पिक मार्ग अपनाएं और स्टेशन पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय जरूर रखें, ताकि आपकी यात्रा बिना किसी परेशानी के पूरी हो सके।

Related Articles

Back to top button