बिलासपुर

सुशासन तिहार का दिख रहा सकारात्मक असर, जनता की समस्याओं का हो त्वरित समाधान : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि सुशासन तिहार का सकारात्मक प्रभाव अब गांव-गांव और आमजन तक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। शासन की योजनाओं का लाभ तेजी से लोगों तक पहुंच रहा है और प्रशासन की प्राथमिकता जनता की समस्याओं का समयबद्ध एवं संवेदनशील निराकरण होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम नागरिकों को अधिकतम सुविधा उपलब्ध कराना तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना प्रशासन का मूल दायित्व है।

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सुशासन तिहार के तहत बिलासपुर संभाग के दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री श्री साय ने बिलासपुर में बिलासपुर, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सक्ती एवं सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों के अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक लेकर विकास कार्यों, राजस्व मामलों, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं तथा आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, विधायक श्री अमर अग्रवाल, श्री धरमलाल कौशिक, श्री धर्मजीत सिंह, श्री सुशांत शुक्ला, श्री दिलीप डहरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी सहित मुख्यमंत्री के सचिव श्री दयानंद पी, विशेष सचिव श्री रजत बंसल, कमिश्नर सुनील जैन, आईजी रामगोपाल गर्ग सहित पांचों जिलों के कलेक्टर एसपी और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री ने राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए समय-सीमा से बाहर एवं एक वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों के निराकरण के लिए विशेष अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और अन्य राजस्व प्रकरण सीधे आम जनता के जीवन एवं आजीविका से जुड़े होते हैं, इसलिए इनका त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
*पेयजल और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर विशेष जोर*
ग्रीष्मकालीन परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में पेयजल व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए निरंतर निगरानी रखी जाए। साथ ही वर्षा ऋतु के आगमन के साथ संभावित मौसमी बीमारियों की रोकथाम एवं उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग को अग्रिम तैयारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को स्वास्थ्य एवं मूलभूत सुविधाओं के संबंध में किसी प्रकार की परेशानी न हो, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है।

कृषि तैयारियों के संबंध में मुख्यमंत्री ने आगामी खरीफ सीजन के लिए खाद एवं बीज की उपलब्धता, भंडारण और वितरण व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि किसानों को खाद-बीज की उपलब्धता में किसी प्रकार की समस्या न आए तथा वितरण व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने पश्चिम एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों के कारण डीएपी उर्वरक की सीमित उपलब्धता का उल्लेख करते हुए किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों जैसे एसएसपी, यूरिया, नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के उपयोग के प्रति जागरूक करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक खेती और संतुलित उर्वरक उपयोग से उत्पादन बढ़ाने के साथ लागत भी कम की जा सकती है।

महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिक से अधिक संख्या में “ड्रोन दीदी” तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए। इससे कृषि क्षेत्र में तकनीक का विस्तार होगा और महिलाओं के लिए रोजगार एवं आय के नए अवसर भी सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वे स्वयं 27 जिलों में आयोजित शिविरों में शामिल होकर जनता से सीधे संवाद कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद शिविरों में बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता यह दर्शाती है कि जनता का शासन और प्रशासन पर विश्वास बढ़ा है। यह सुशासन तिहार की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की 28वीं किश्त जारी होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, सतत निगरानी और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने का आह्वान करते हुए कहा कि शासन की प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना ही सुशासन का वास्तविक उद्देश्य है।

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