जिला चिकित्सालय को मिली नई दिशा, सिविल सर्जन एस. कुजूर ने संभाला प्रभार

(जयेन्द्र गोले) : बिलासपुर – जिला चिकित्सालय में लंबे समय से स्थायी नेतृत्व का इंतजार अब खत्म हो गया है। नवपदस्थ सिविल सर्जन डॉ. एस. कुजूर ने पदभार ग्रहण करते ही स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के संकेत दे दिए हैं। उन्होंने डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की बैठक लेकर मरीजों को बेहतर उपचार, समयबद्ध सेवाएं और शासन की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
जिला अस्पताल सभाकक्ष में आयोजित बैठक में सिविल सर्जन डॉ. एस. कुजूर ने स्पष्ट कहा कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना प्राथमिकता होगी। उन्होंने चिकित्सकों को ओपीडी एवं आईपीडी सेवाओं में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, समय पर मरीजों की क्लीनिकल जांच करने तथा उपचार प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने की समझाइश दी। साथ ही उन्होंने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ जरूरतमंद मरीजों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाया जाए।
बैठक के दौरान सिविल सर्जन ने यह भी कहा कि यदि किसी चिकित्सक के देरी से आने या ड्यूटी में अनियमितता की शिकायत मिलती है, तो उसकी विधिवत जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया कि मरीजों को पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी एवं अन्य आवश्यक जांचों के लिए अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए और बिना उचित चिकित्सकीय कारण के रेफर करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जाए। डॉ. एस. कुजूर ने सख्त लहजे में कहा कि मरीजों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही, दुर्व्यवहार या उपचार में कोताही सामने आती है तो संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारियों पर कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालय में पारदर्शी, संवेदनशील और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।




