बिलासपुर

गांव की जरूरत पूरा करने वीबी जी रामजी में ज्यादा प्रावधान – सांसद तोखन

(दिलीप जगवानी) : बिलासपुर – भाजपा के बिलासपुर सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री ने आज पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय विजन मे ग्रामीण विकास का नया ढांचा अभी से तैयार किया गया है यह एक एतिहासिक कदम है। वीबी जी रामजी, रोजगार गारंटी और आजीविका मिशन बिल ग्रामीण भारत के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।इस बिल से अब लोगों को 100 दिन के बजाय 125 दिन का रोजगार मिलेगा, जबकि अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में यह सीमा 150 दिन तय की गई है।

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उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और अन्य विपक्षी दल इस बिल को लेकर भ्रम फैलाने में लगे है। संसद में इस बिल को लेकर चर्चा हुई तब सभी दलों ने इस चर्चा में भाग लिया और बहस के बाद विधेयक पारित हुआ। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा विपक्षी दलों को विकसित और राम शब्द से ही तकलीफ हो रही है। श्री तोखन ने रोजगार योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि 1980 के दशक से पहले भी देश में रोजगार आधारित योजनाएं थी। जिन्हें तत्कालीन सरकारों ने समय-समय पर इसका नाम दिया और योजनाओं में तब जरूरत के अनुसार परिवर्तन किया।

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इंदिरा गांधी ने पुरानी रोजगार योजनाओं को मिला कर राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना नाम दिया जिसे राजीव गांधी ने जवाहर रोजगार योजना नाम दिया। सोनिया-मनमोहन सिंह की सरकार ने 2004 में इसे नरेगा फिर 2005 में मनरेगा नाम दे दिया। अब ज़ब समय परिस्थिति की मांग के अनुसार आधुनिक डिजिटल निगरानी और पारदर्शी बिल को नया नाम देने का विरोध करना बेमानी है. प्रेस कांफ्रेस मे स्लाइड प्रजेटेशन दिया जिसमे ग्रामीण रोजगार गारंटी बिल की प्रमुख बातें साझा किया. जिसमे कामगारो की सुरक्षा निगरानी और साप्ताहिक भुगतान प्रक्रिया विस्तार से समझाया.

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