शिक्षको पर जिम्मेदारियों का नया बोझ, अब स्कूल आने से रोकना होगा सांप-बिच्छू !!

(दिलीप जगवानी) : बिलासपुर – प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में शिक्षकों पर जिम्मेदारियों का नया बोझ डाला गया है। डीपीआई के ताज़ा निर्देशों के अनुसार अब शिक्षकों को स्कूल परिसर में सांप, बिच्छू जैसे जहरीले जंतुओं के प्रवेश पर भी रोक लगानी होगी। इससे पहले शिक्षकों पर आवारा कुत्तों और मवेशियों को नियंत्रित करने का दायित्व तय किया गया था।
प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों की गैर-शैक्षणिक जिम्मेदारियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। पहले जहां शिक्षकों को कक्षा संचालन और शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ आवारा कुत्तों और मवेशियों को स्कूल परिसर से दूर रखने का निर्देश दिया गया था, वहीं अब एक नया आदेश जारी करते हुए उन्हें सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीव-जंतुओं को भी स्कूल सीमा में प्रवेश न करने देने की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। यह आदेश प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, प्राचार्यों और प्रधान पाठकों को भेजा गया है।
20 नवंबर को डीपीआई द्वारा जारी आदेश में स्कूलों को परिसर में घूमने वाले आवारा कुत्तों की पहचान कर स्थानीय निकायों को सूचना देने और उन्हें हटवाने के निर्देश दिए गए थे। आदेश को लेकर शिक्षकों में पहले ही असंतोष था। अब नए निर्देश में कहा गया है कि स्कूल प्रबंधन यह सुनिश्चित करे कि सांप, बिच्छू या कोई भी विषैला जीव स्कूल तक न पहुंचे।
आदेश में साफ शब्दों में उल्लेख किया गया है कि यदि शिक्षक इस जिम्मेदारी को लेकर टालमटोल करते हैं तो सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के आधार पर उन पर कार्रवाई की जा सकती है। इसी कारण शिक्षकों द्वारा खुलकर विरोध नहीं किया जा रहा, लेकिन भीतर ही भीतर असंतोष बढ़ रहा है।शिक्षकों का कहना है कि शिक्षा विभाग लगातार ऐसी जिम्मेदारियाँ जोड़ रहा है जो उनके कार्यक्षेत्र से बाहर हैं।




