रेल हादसा: एएलपी रश्मि राज का बयान दर्ज, सीआरएस जांच में बनेगा निर्णायक आधार

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : बिलासपुर – गतौरा–लालखदान रेलखंड में मेमू और मालगाड़ी की भीषण टक्कर के मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। हादसे में गंभीर रूप से घायल असिस्टेंट लोको पायलट रश्मि राज को अपोलो अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। स्वास्थ्य में सुधार के बाद रेलवे अधिकारियों ने तुरंत उनका बयान दर्ज किया, जिसे सीआरएस जांच की सबसे अहम कड़ी माना जा रहा है।
लालखदान रेल हादसे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली एएलपी रश्मि राज अब स्थिर हैं। अपोलो अस्पताल में कई दिनों के इलाज के बाद डॉक्टरों ने उन्हें छुट्टी दे दी। डिस्चार्ज के तुरंत बाद रेलवे अधिकारियों ने उनसे घटना से जुड़े अहम तथ्य पूछे। माना जा रहा है कि रश्मि का बयान सीआरएस की जांच रिपोर्ट का निर्णायक हिस्सा होगा। लेकिन इसी बीच रेलवे ने प्राथमिक जांच के आधार पर रश्मि राज को निलंबित भी कर दिया है।
अधिकारियों का कहना है कि नियमों के तहत यह कार्रवाई तात्कालिक रूप से की गई है, और हादसे की पूरी जिम्मेदारी तय होने तक प्रक्रिया जारी रहेगी। अपोलो से डिस्चार्ज होने के बाद रश्मि राज को रेलवे अस्पताल में भर्ती कर दिया गया है। हालांकि परिवार इस फैसले से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है और उनका कहना है कि इलाज अपोलो में ही जारी रहना चाहिए था।
उधर, सीआरएस जांच पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। हादसे में कई जिंदगियां गईं, भारी आर्थिक नुकसान हुआ और अब जांच यह तय करेगी कि आखिर गलती किस स्तर पर हुई एएलपी की लापरवाही, तकनीकी खराबी या फिर सिग्नलिंग सिस्टम की विफलता। रश्मि राज ने बयान में क्या कहा यह अब तक सामने नहीं आया है। यह जानकारी सीआरएस की विस्तृत रिपोर्ट के साथ ही उजागर होगी। लेकिन इतना तय है कि उनका बयान इस पूरे मामले की पुख्ता तस्वीर साफ करेगा।




