नए कानून का नया दौर : छत्तीसगढ़ पुलिस की अनोखी नाट्य प्रस्तुति से जनता को मिला न्याय का संदेश

छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर नवा रायपुर में पुलिस विभाग की ओर से लगाई गई नवीन आपराधिक कानूनों पर आधारित प्रदर्शनी चर्चा का केंद्र बनी हुई है। इस प्रदर्शनी में एक अनोखा आयोजन देखने को मिला, जहाँ नए कानूनों के क्रियान्वयन को लेकर एक नाट्य प्रस्तुति दी गई, जिसने यह संदेश दिया कि अब कानून का मकसद दंड नहीं बल्कि न्याय है।
छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने भी इस प्रदर्शनी का अवलोकन किया और पुलिस विभाग की इस पहल की सराहना की।प्रदर्शनी में आम जनता को नए आपराधिक कानूनों की जानकारी सरल और व्यावहारिक रूप में दी जा रही है। नाट्य प्रस्तुति में एफआईआर दर्ज करने से लेकर अदालत में फैसले तक की पूरी न्यायिक प्रक्रिया को मंच पर जीवंत रूप में दिखाया गया।
नाटक में बताया गया कि अब पुलिस जांच को डिजिटल और वैज्ञानिक बनाने के लिए ई-साक्ष्य ऐप, सीसीटीएनएस (CCTNS) सिस्टम, एनएएफआईएस (NAFIS) और क्राइम मल्टी एजेंसी सेंटर जैसे आधुनिक तकनीकी साधनों का उपयोग कर रही है। इंस्पेक्टर किरण ठाकुर और एएसआई संतराम साहू के किरदारों के माध्यम से दिखाया गया कि तकनीक कैसे अपराध की जांच को पारदर्शी और न्याय प्रक्रिया को तेज बनाती है।
जशपुर जिले के एसएसपी SSP शशि मोहन सिंह ने बताया कि हमारा उद्देश्य जनता को यह समझाना है कि भारत के नए आपराधिक कानून नागरिक केंद्रित हैं। अब न्याय प्रणाली सिर्फ सजा देने के लिए नहीं, बल्कि न्याय और संवेदना के संतुलन के लिए काम करेगी।
कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि नए कानूनों का उद्देश्य केवल दंड नहीं, बल्कि न्याय को तीव्र, पारदर्शी और जनहितैषी बनाना है। छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग की इस प्रस्तुति ने साबित किया कि जब कानून और संवेदना साथ चलते हैं, तो न्याय सशक्त और मानवीय बनता है।




