छत्तीसगढ़ के बाघिन बिजली की गुजरात में मौत

रायपुर जंगल सफारी की शान और वन्यजीव संरक्षण का प्रतीक रही बाघिन बिजली का शुक्रवार को निधन हो गया। पुरानी किडनी रोग से पीड़ित बिजली को बेहतर इलाज के लिए गुजरात के जामनगर वंतारा वन्यजीव बचाव केंद्र भेजा गया था।
बिजली की अंतिम यात्रा केवल चिकित्सा उपचार तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह आशा, प्रेम और करुणा की एक कहानी बन गई। रायपुर के पर्यटक और वन्यजीव प्रेमी बिजली को आकर्षण का केंद्र मानते थे। स्थानीय स्तर पर उपचार के बाद बाघिन को विशेष ट्रेन कोच के जरिए जामनगर भेजा गया।
वन मंत्री केदार कश्यप ने व्यक्तिगत रूप से बिजली की सेहत की समीक्षा की और 24 घंटे के भीतर रेलवे से बाघिन को गुजरात ले जाने की अनुमति प्राप्त कर ली।
जामनगर पहुँचने पर ग्रीन्स वाइल्डलाइफ रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर के विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों ने बाघिन का गहन परीक्षण किया। सभी संभव प्रयास और चिकित्सा देखभाल के बावजूद, बिजली को बचाया नहीं जा सका।बिजली का निधन वन्यजीव संरक्षण और जंगल सफारी प्रेमियों के लिए एक दुखद क्षण है।




