पार्षद की दादागिरी, नगर निगम में घुसकर कर्मचारी से मारपीट.

(भूपेंद्र सिंह राठौर/जय साहू) : बिलासपुर – नगर निगम कार्यालय में उस वक्त हड़कंप मच गया जब बीजेपी पार्षद रंगा नादम ने एक कर्मचारी पर हमला करने लगा. घटना के पीछे की वजह चौकाने वाली है. कर्मचारी पर बिना भौतिक सत्यापन के दस्तावेजों में हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया गया, इनकार करने पर पार्षद ने हदें पार कर दीं।
बिलासपुर नगर पालिक निगम के जोन क्रमांक 5 , जहाँ एक कर्मचारी को उसके कार्यस्थल पर पार्षद रंगा नादम द्वारा न केवल गाली-गलौज का सामना करना पड़ा, बल्कि उस पर हमला भी किया गया। पीड़ित कर्मचारी ने बताया कि राशन कार्ड सत्यापन की ज़िम्मेदारी उसे दी गई है।पार्षद रंगा नादम बार-बार दबाव बना रहा था कि वह बिना भौतिक सत्यापन के कार्डों पर साइन करे। जब कर्मचारी ने मना किया, तो वार्ड 33 के पार्षद रंगा नादम ने पहले फोन पर गाली-गलौज करने लगा फिर कार्यालय पहुँच कर हाथापाई पर उतर आया।

कर्मचारी का कहना है कि पार्षद ने कुर्सी उठाकर उसे मारने की कोशिश की और जानबूझकर भय का माहौल बनाया। इस अमानवीय व्यवहार से आहत कर्मचारी ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित कर्मचारी मनीष कुमार उपाध्याय ने बताया उसने साफ तौर पर कहा था कि बिना भौतिक सत्यापन के दस्तखत नहीं करूँगा। इस पर पहले फोन पर गाली दी और फिर कार्यालय में आकर कुर्सी उठाकर मारने की कोशिश की गई। पीड़ित ने पार्षद पर कार्रवाई की मांग अपने उच्चाधिकारियो से की है.

यह कोई पहली घटना नहीं है जब जनप्रतिनिधि द्वारा कर्मचारियों पर दबाव बनाया गया हो। लेकिन इस बार मामला हाथापाई तक पहुँच गया है। सवाल यह है कि क्या ऐसे जनप्रतिनिधि अपने पद पर बने रहने के योग्य हैं? देखना होगा कि निगम प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।




