कचरा डंपिंग मंगला के लिए बना नासूर, बारिश मे तबाही मचा सकता है संक्रमण.

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : बिलासपुर – मंगला धुरीपारा मुख्य मार्ग की तस्वीरें इस वक्त पूरे शहर की सफाई व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही हैं। सड़क के दोनों ओर कचरे का अंबार और उसमें से उठती तेज दुर्गंध ने इस इलाके के लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। हैरानी की बात ये है कि नगर निगम और वार्ड पार्षद हाथ पर हाथ धरे बैठे है।
धुरीपारा मार्ग पर कचरा डंप किया जा रहा है। ठेका कंपनी के कर्मचारी ट्रकों में भरकर गीला-सूखा कचरा और टॉयलेट से निकली गंदगी तक सड़क किनारे फेंक रहे हैं। कचरे के अंबार से उठती तीव्र गंध ने वातावरण को इतना प्रदूषित कर दिया है कि आसपास के रहवासियों का घर में भी सांस लेना मुश्किल हो गया है। साथ ही मलेरिया, डेंगू और संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। हद तो तब हो गई जब यहां मृत मवेशियों को भी फेंका जाने लगा। बरसात के मौसम में हालात और भी खतरनाक हो चुके हैं। कीचड़, बदबू और गंदगी ने इलाके को ‘बीमारियों का अड्डा’ बना दिया है। जब इस सम्बंध में वार्ड पार्षद से पूछा गया तो उन्होंने बताया उसने इसकी शिकायत जोन कमिश्नर और आयुक्त से की है। लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लगातार कचरा डंप हो रहा है, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है।
शिकायतें की जा रही हैं, फॉलोअप का दावा किया जा रहा है, लेकिन नतीजा? कचरा और दुर्गन्ध वही है, और परेशानी बढ़ती जा रही है। सवाल ये है क्या नगर निगम और स्थानीय पार्षद सिर्फ शिकायतें करने और बयान देने तक ही सीमित रह गए हैं? जनता की सेहत और सुरक्षा को नजरअंदाज किया जा रहा है और अगर हालात ऐसे ही रहे, तो यह लापरवाही बड़ी त्रासदी बन सकती है।




