‘तोमर बंधुओं’ के करीबी दो वसूलीबाज गिरफ्तार, करोड़ों की अवैध उगाही का खुलासा

रायपुर में चर्चित ‘तोमर बंधु’ वसूलीकांड में पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों आरोपी ‘विस्टों फाइनेंस’ नाम के ग्रुप के जरिए अवैध वसूली का पूरा नेटवर्क चला रहे थे। पुलिस ने आरोपियों से करोड़ों रुपये की लेनदेन से जुड़े साक्ष्य और मोबाइल फोन बरामद किया है।
रायपुर पुलिस की एंटी क्राइम और साइबर यूनिट की टीम ने थाना पुरानी बस्ती पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों—बंटी सहारे और जितेंद्र देवांगन उर्फ मोनू—को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों पर आरोप है कि वे ‘तोमर बंधुओं’ के लिए ब्याज की वसूली का काम करते थे।
पूछताछ में बंटी सहारे ने खुलासा किया कि वह पिछले दो वर्षों से रोहित तोमर, वीरेन्द्र तोमर और दिव्यांश के कहने पर वसूली मैनेजर का काम कर रहा था। इसके लिए ‘विस्टों फाइनेंस’ नाम से एक व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया गया था, जिसमें ब्याज की रकम वसूली जाती थी और पूरा लेखा-जोखा संभाला जाता था।
जिन लोगों से ब्याज वसूली नहीं होती थी, उन्हें धमकाया जाता था। पुलिस ने बंटी और मोनू के कब्जे से मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। दोनों के खिलाफ पुरानी बस्ती थाना में आईपीसी की धारा 308(2), 111(1) और छत्तीसगढ़ ऋणीयों का संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। तोमर बंधुओं के नेटवर्क की यह गिरफ़्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।




