रेलवे के खिलाफ आक्रोश, बिना वैकल्पिक मार्ग रास्ता बंद करने पर आंदोलन की चेतावनी

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : बिलासपुर – सिरगिट्टी के रहवासी एक बार फिर रेलवे के खिलाफ आंदोलन की राह पर हैं। मामला है गोविन्द नगर से पांडव भवन के बीच के पुराने निस्तारी रास्ते को बंद करने का, जहां रेलवे ने अचानक पक्की दीवार खड़ी कर दी — वो भी बिना वैकल्पिक रास्ता दिए। अब लोगों की परेशानी और नाराज़गी दोनों बढ़ती जा रही है।”
“बिना किसी पूर्व सूचना और वैकल्पिक मार्ग बनाए, रेलवे ने सिरगिट्टी के गोविन्द नगर से पांडव भवन, और माँ मरी माई मंदिर जाने वाले रास्ते पर शुक्रवार को अचानक पक्की दीवार खड़ी कर दी। इससे हजारों लोगों के आवागमन का मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है।” “स्थानीय लोगों के अनुसार, यह वही निस्तारी मार्ग है जिसे रेलवे ने लोको शेड निर्माण के समय भी आंशिक रूप से बंद किया था, लेकिन लोगों की मांग पर इसे आंशिक रूप से खुला रखा गया था। अब एक बार फिर बिना चर्चा और सूचना के इस रास्ते को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।”
“स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सिर्फ आवागमन की असुविधा नहीं, बल्कि महिलाओं और स्कूली बच्चों की सुरक्षा का भी मामला है। क्योंकि अब लोगों को सुनसान शराब भट्टी के पीछे वाली खतरनाक सड़क से होकर जाना पड़ रहा है — जो दिन में भी सुरक्षित नहीं मानी जाती।”
“शनिवार को माँ संतोषी मंदिर परिसर में इस मुद्दे पर बड़ी बैठक रखी गई, जहाँ तय किया गया कि यदि रेलवे जल्द समाधान नहीं करता, तो दो दिवसीय हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद बिलासपुर सांसद, विधायक, महापौर और जनप्रतिनिधियों की सहमति से डीआरएम ऑफिस का घेराव किया जाएगा।”
“स्थानीयों ने सुझाव भी दिया है कि रेलवे चाहे तो जिस सड़क को बंद किया गया है, उसे कुछ मीटर आगे बढ़ाकर गोविन्द नगर की तरफ जोड़ा जा सकता है। इससे समस्या का स्थायी समाधान मिल सकता है और आमजन को राहत मिल सकती है।”
“अब देखना ये होगा कि रेलवे इस जनभावना को समझते हुए कोई सकारात्मक कदम उठाता है या नहीं। फिलहाल तो सिरगिट्टी के लोग आंदोलन की तैयारी में जुट चुके हैं।”




