72 घंटे के ऑपरेशन में लूटकांड का खुलासा, 10 लाख की लूट के मास्टरमाइंड समेत दो आरोपी गिरफ्तार

रायपुर के डीडी नगर थाना क्षेत्र में सुपरवाइजर से 10 लाख 26 हजार 500 रुपये की लूट के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। कमिश्नरेट पुलिस की संयुक्त टीम ने 72 घंटे तक चले इंटरस्टेट ऑपरेशन के बाद लूटकांड के मास्टरमाइंड गौरव तिवारी और उसके साथी आशीष पाण्डेय उर्फ गोलू को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 लाख रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल एक्टिवा वाहन जब्त किया है।
पुलिस के मुताबिक 6 जून को डंगनिया बाजार में बालाजी कंपनी के सुपरवाइजर श्रवण साहू से 10 लाख 26 हजार 500 रुपये से भरा बैग लूट लिया गया था। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी गौरव तिवारी पहले कंपनी में पेमेंट लेन-देन के सिलसिले में आता-जाता था और उसे यह जानकारी थी कि कॉर्पोरेट ऑफिस से निकलने वाले कर्मचारियों के पास अक्सर लाखों रुपये की नगदी रहती है।
आरोपियों ने करीब डेढ़ महीने तक कार्यालय और कर्मचारियों की रेकी की। घटना वाले दिन पांचों आरोपी दो अलग-अलग दोपहिया वाहनों से सुपरवाइजर का पीछा करते हुए डंगनिया बाजार पहुंचे और मौका मिलते ही नगदी से भरा बैग लूटकर फरार हो गए।
घटना के बाद पुलिस ने सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तकनीकी विश्लेषण किया और कई राज्यों में दबिश दी। मुख्य आरोपी गौरव तिवारी की निशानदेही पर उत्तर प्रदेश के भदोही से आशीष पाण्डेय को गिरफ्तार किया गया। गौरव तिवारी एमबीए की पढ़ाई कर चुका है, जबकि आशीष ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़ा है। पुलिस ने बताया कि मामले में तीन अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है और जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद है।




