भारतमाला प्रोजेक्ट मामला: डिप्टी कलेक्टर शशिकांत कुर्रे निलंबित, जांच तेज

रायपुर: भारतमाला परियोजना के तहत जमीन अधिग्रहण में हुए 324 करोड़ रुपये के घोटाले में एक और बड़ी कार्रवाई हुई है। अभनपुर के तत्कालीन तहसीलदार और वर्तमान में कोरबा में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर शशिकांत कुर्रे को राज्य सरकार ने निलंबित कर दिया है। इससे पहले, इस घोटाले में तत्कालीन सक्षम भू-अर्जन अधिकारी निर्भय साहू को निलंबित किया गया था।
324 करोड़ के घोटाले का मास्टरमाइंड!
रायपुर-विशाखापट्टनम सिक्स लेन ग्रीन कॉरिडोर के मुआवजा घोटाले में शशिकांत कुर्रे की भूमिका संदेह के घेरे में थी। रायपुर कलेक्टर की रिपोर्ट में उन्हें इस घोटाले का मास्टरमाइंड बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, अभनपुर में तहसीलदार रहते हुए उन्होंने अनियमितताओं को अंजाम दिया।
2021 में मिला था प्रमोशन, अब जांच के घेरे में
शशिकांत कुर्रे को 2021 में प्रमोशन देकर डिप्टी कलेक्टर बना दिया गया था। वहीं, राजस्व विभाग के अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि 326 करोड़ रुपये के इस घोटाले में अब तक किसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।
सरकार के रडार पर अन्य अधिकारी भी
सूत्रों के मुताबिक, इस घोटाले में शामिल अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है। राज्य सरकार की ओर से जांच प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है, और भविष्य में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।




