Vedanta Limited प्लांट हादसा: 16 मजदूरों की मौत, मजिस्ट्रियल जांच के आदेश, कांग्रेस ने भी बनाई कमेटी

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर हादसे के बाद प्रशासन और राजनीति दोनों ही स्तर पर हलचल तेज हो गई है। इस हादसे में 16 श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि कई मजदूर घायल हैं, जिनका इलाज रायगढ़ के अलग-अलग अस्पतालों में जारी है। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं, वहीं कांग्रेस ने भी अलग से जांच समिति गठित की है।
14 अप्रैल 2026 को वेदांता पावर लिमिटेड, सिंघीतराई के प्लांट की बॉयलर यूनिट-1 में तकनीकी खराबी के चलते स्टीम पाइप के वाटर सप्लाई ज्वाइंट में लीकेज हुआ, जिससे बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में कुल 34 श्रमिक प्रभावित हुए, जिनमें से 16 की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य घायल श्रमिकों का इलाज फोर्टिस जिंदल, एपेक्स और बालाजी मेट्रो अस्पताल, रायगढ़ में चल रहा है।
जिला दण्डाधिकारी अमृत विकास तोपनो ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 196 के तहत मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। इस जांच के लिए डभरा के एसडीएम को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच में हादसे के कारण, जिम्मेदार व्यक्ति, सुरक्षा मानकों की स्थिति और भविष्य में रोकथाम के उपायों की विस्तृत पड़ताल की जाएगी। जांच रिपोर्ट 30 दिनों के भीतर प्रस्तुत करनी होगी।
इधर, छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भी इस हादसे को गंभीरता से लेते हुए पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के नेतृत्व में 10 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वे मौके पर पहुंचकर पीड़ितों, परिजनों और प्लांट प्रबंधन से बातचीत कर वास्तविक स्थिति का आकलन करें और अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस को सौंपें।
इस मामले की जानकारी कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं जैसे सचिन पायलट, भूपेश बघेल और टी.एस. सिंहदेव को भी भेजी गई है, जिससे साफ है कि मामला अब राजनीतिक रूप से भी तूल पकड़ता जा रहा है।फिलहाल इस पूरे मामले में सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे हादसे की असली वजह और जिम्मेदारों का खुलासा हो सकेगा।




