छत्तीसगढ़

यात्रियों की बढ़ी मुसीबत, सुपरफास्ट और एक्सप्रेस ट्रेनें घंटों लेट, कई ट्रेनें रद्द

Advertisement

(भूपेंद्र सिंह राठौर )  : रेलवे यात्रियों को एक बार फिर लेटलतीफ ट्रेनों के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई सुपरफास्ट और एक्सप्रेस ट्रेनें घंटों की देरी से अपने गंतव्य तक पहुंच रही हैं, जबकि कुछ ट्रेनों को रद्द तक कर दिया गया है।

Advertisement

हावड़ा जंक्शन से अहमदाबाद के लिए रवाना होने वाली अहमदाबाद सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 12834, 5 घंटे 21 मिनट की देरी से प्लेटफॉर्म नंबर 5 से रवाना हुई।
वहीं पुणे जाने वाली आजाद हिंद एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 12130, 9 घंटे 31 मिनट की देरी से हावड़ा से चली।
मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस जा रही समरसता सुपरफास्ट एक्सप्रेस, 1 घंटे 25 मिनट की देरी से शालिमार से रवाना हुई, जबकि भुवनेश्वर से चलने वाली मुंबई एलटीटी एक्सप्रेस 1 घंटे 37 मिनट की देरी से चली।

बिलासपुर से टाटानगर के लिए चलने वाली टाटानगर एक्सप्रेस (18114) को रद्द कर दिया गया है, जिससे यात्रियों को निराशा का सामना करना पड़ा।
रायगढ़ से बिलासपुर आ रही मेमू ट्रेन 68737 भी 1 घंटे 21 मिनट की देरी से प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर पहुंची।
इसी प्रकार दक्षिण बिहार एक्सप्रेस 13288, आरा से दुर्ग जा रही थी, जो 1 घंटे 42 मिनट की देरी से प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर पहुंची।

पुरी सुपरफास्ट एक्सप्रेस (22865) इकलौती ट्रेन रही जो समय पर प्लेटफॉर्म नंबर 2 से रवाना हुई।
पटना स्पेशल (07255), 3 घंटे 29 मिनट की देरी से चर्लपल्ली से पटना के लिए रवाना हुई।
वहीं पुणे दुरंतो एक्सप्रेस (12222), 6 घंटे 27 मिनट की भारी देरी के साथ हावड़ा से पुणे के लिए चली।

बिलासपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस (22816) 57 मिनट, जबकि बिलासपुर पैसेंजर (58213) 1 घंटे 49 मिनट की देरी से चल रही है। कटनी – बिलासपुर मेमू (68748) भी 1 घंटे 5 मिनट की देरी से प्लेटफॉर्म 6 पर पहुंची।

सबसे ज्यादा देरी रही हावड़ा दूरन्तो एक्सप्रेस (12261) की, जो छत्रपति शिवाजी टर्मिनस से 15 घंटे की देरी से हावड़ा पहुंची। शालीमार सुपरफास्ट एक्सप्रेस (12905) पोरबंदर से 10 घंटे 17 मिनट लेट रही, वहीं गीतांजलि एक्सप्रेस (12860) और आजाद हिंद एक्सप्रेस (12129) क्रमशः 2 घंटे और 10 घंटे 55 मिनट की देरी से चल रही हैं।

ट्रेनों में हो रही यह देरी ना केवल यात्रियों के समय को प्रभावित कर रही है, बल्कि उनकी योजनाओं पर भी असर डाल रही है। रेलवे प्रशासन को चाहिए कि वह जल्द से जल्द व्यवस्था में सुधार करे ताकि यात्रियों को राहत मिल सके।

Related Articles

Back to top button