छत्तीसगढ़

सरकारी नौकरियों की चाह रखने वालों की संख्या उपलब्ध नौकरियों से अधिक : सुप्रीम कोर्ट

 

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सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया की शुचिता पर जोर देते हुए एक महत्वपूर्ण टिप्पणी में कहा कि देश में सरकारी नौकरियों की चाह रखने वालों की संख्या उपलब्ध नौकरियों से कहीं अधिक है।

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न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की पीठ ने सिविल भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपी दो व्यक्तियों को जमानत देने के राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश को निरस्त कर दिया।

पीठ ने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी करने से उन उम्मीदवारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जिन्होंने नौकरी पाने के लिए ईमानदारी से प्रयास किया। इस तरह के कृत्यों से लोक प्रशासन और कार्यपालिका में लोगों का विश्वास भी कम होता है।

न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी सरकारी नौकरी, जिसके लिए निर्धारित परीक्षा और साक्षात्कार प्रक्रिया तय की गई है, उसे केवल उन्हीं नियमों के तहत भरा जाना चाहिए। भर्ती प्रक्रिया की पूर्ण ईमानदारी से ही यह सुनिश्चित होता है कि योग्य उम्मीदवारों को उनका हक मिले।

सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय राजस्थान सरकार की उस अपील पर आया, जिसमें प्रदेश के हाईकोर्ट द्वारा पिछले साल मई में दिए गए आदेश को चुनौती दी गई थी।

 

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