तहसील कार्यालय का कारनामा:-15 को सीमांकन किया, 16 को रिपोर्ट जमा, 17 को हो गया रिपोर्ट ऑनलाइन

(आशीष मौर्य संपादक/मयंक सिंह क्षत्रिय) : बिलासपुर – राजस्व विभाग के अधिकारी अगर इसी तरह फास्ट काम करें तो न्यायालय में पेंडेंसी कम होगी. नायब तहसीलदार राहुल शर्मा के कोर्ट में एक ऐसा सीमांकन का मामला आया जिसे तत्काल निराकृत किया गया. आवेदक सुनीता मौर्य पति स्वर्गीय राजेंद्र मोर्य निवासी तोरवा अपनी पैतृक भूमि को बचाने बीते 1 साल से लगी हुई है. पीड़िता का कहना है कि उनके ससुर स्वर्गीय नंदलाल मौर्य पिता पीतांबर की पैतृक भूमि को वर्ष 1965 का फर्जी रजिस्ट्री दिखाकर कब्ज़ा करने का प्रयास किया जा रहा है.

बताया कि उनके ससुर नंदलाल मौर्य हिंदी में हस्ताक्षर करते थे. उनके ससुर नंदलाल को पारिवारिक बंटवारे मे वर्ष 1950 में उन्हें जमीन मिला था जिसका खसरा नम्बर 764 है.जिसमें उन्होंने हिंदी में हस्ताक्षर किया है. वर्तमान में विजय कुमार रायकेस, प्रमोद कुमार रायकेस, पायल रायकेस और रोशन गुप्ता के द्वारा वर्ष 1965 में नंदलाल मौर्य के द्वारा उनके पक्ष मे रजिस्ट्री करने की बात कही जा रही है.

रजिस्ट्री के पेपर में नंदलाल ने अंग्रेजी में हस्ताक्षर किए हैं, जिसको नंदलाल की बहू सुनीता मौर्य ने फर्जी बताया है. सुनीता मौर्य का कहना है कि 1965 के बाद उनके कब्जे की भूमि में कोई भी अपना हक दावा प्रस्तुत करने नहीं आया.

जबकि उनके परिवार के लोग शुरू से ही उक्त जमीन में बाउंड्री वॉल कर काबिज चले आ रहे हैं. बीते 1 साल से जमीन में विवाद करने अलग-अलग लोग पहुंचते रहे . शिकायतकर्ता सुनीता मौर्य का कहना है कि वर्ष 1970 मैं भी उनके ससुर के द्वारा कुछ जमीनों की रजिस्ट्री की गई थी जिसमें उनके द्वारा हिंदी में हस्ताक्षर किया गया है जो कि सही रजिस्ट्री है.

तोरवा आरआई का गजब कार्य:- वर्ष 2022-23 मे जमीन मालिक सुनीता मौर्य ने सीमांकन के लिए आवेदन लगाया, जिसपर विजय कुमार रायकेस, प्रमोद कुमार रायकेस, पायल रायकेस और रोशन गुप्ता ने आपत्ती लगाया तत्कालीन आरआई अशोक कुमार सोनी ने सीमांकन की कार्रवाई रोक दी.

फिर कुछ समय बाद सुनीता मौर्य ने सीमांकन के लिए आवेदन लगाया तब विजय कुमार रायकेस, प्रमोद कुमार रायकेस, पायल रायकेस और रोशन गुप्ता ने आपत्ति लगा दी. इसके बाद तोरवा आरआई के रूप मे मनीष शुक्ला की पदस्थापना हुई. मनीष शुक्ला ने 24 फरवरी को विजय कुमार रायकेस, प्रमोद कुमार रायकेस, पायल रायकेस और रोशन गुप्ता के आवेदन पर सीमांकन का ज्ञापन जारी किया, और 27 फरवरी को सीमांकन की तिथि तय की. अब इसमें आर आई का खेल देखिए 26 को महाशिवरात्रि की छुट्टी थी.सुनीता मौर्य आपत्ति का मौका ना मिले इसलिए शॉर्ट टाइम में सीमांकन करने की पूरी योजना बनाई गई जो कि फेल हो गई. सुनीता मौर्य को जैसे ही सूचना मिली उसने वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे मामले की शिकायत की.

इसके बाद दोबारा विजय कुमार रायकेस, प्रमोद कुमार रायकेस, पायल रायकेस और रोशन गुप्ता के आवेदन पर सीमांकन के लिए 7 अप्रैल 2025 को आरआई मनीष शुक्ला ने ज्ञापन जारी किया. जिसमें 15 अप्रैल को सीमांकन की तिथि तय की गई. इसमें सुनीता मौर्य ने आपत्ति दर्ज की जिसकी सुनवाई का निराकरण करें बगैर,RI मनीष शुक्ला ने 15 अप्रैल को सीमांकन किया, 16 अप्रैल को रिपोर्ट जमा किया, और 17 अप्रैल को नायब तहसीलदार ने रिपोर्ट को नस्ती कर ऑनलाइन कर दिया.और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सुनीता मौर्य को नोटिस तक तामिल नहीं कराया गया.

अतिरिक्त कलेक्टर राजस्व के कोर्ट मे पुनरीक्षण का आवेदन प्रस्तुत:– आनन फानन में किए गए सीमांकन को चुनौती देते हुए सुनीता मौर्य ने परीक्षण अंतर्गत धारा 50 आवेदन अतिरिक्त कलेक्टर के कोर्ट में लगाया है. अतिरिक्त कलेक्टर एस आर कुरुवंशी ने आवेदक को स्वीकार करते हुए सभी पक्षकारों को नोटिस जारी किया है. वही सीमांकन की डायरी अपने कोर्ट में तलब किया है.

शिकायतकर्ता सुनीता मौर्य ने न्याय की लगाई गुहार:- व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने किए गए सीमांकन को सुनीता मौर्य ने गलत बताया है. उसका आरोप है कि सीमांकन किए जाने को लेकर उसने आपत्ति लगाई थी. जिसका निराकरण किए बगैर. और मौके पर पहुंचने की सूचना दिए बगैर यह पूरा कार्य किया गया. जिसके कारण राजस्व के अधिकारी संदेह के घेरे मे है. पीड़िता ने कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई है.
सीमांकन के इस खेल में किसको पहुँचा फायदा :- तहसील कार्यालय में देखा जाए तो सीमांकन के सैकड़ो आवेदन पेंडिंग है. लेकिन यह मामला अभी सुर्खियों में. जिसमे पक्षकार को नोटिस तामील किए बगैर, तोरवा आरआई मनीष शुक्ला ने 15 तारीख को सीमांकन किया 16 को रिपोर्ट जमा किया और 17 को नायब तहसीलदार राहुल शर्मा ने सुबह रिपोर्ट को ऑनलाइन कर दिया. जबकि अधिकारियों को इस बात की जानकारी थी कि पीड़िता इस मामले में अपर कलेक्टर के यहां पुनरीक्षण में आवेदन लगाने पहुंची है.
पीड़िता के कब्जे की भूमि में, किए गए सीमांकन के बाद कब्जे का प्रयास :- पीड़िता सुनीता मौर्य ने कहा कि आनन फानन मे किए गए चारों सीमांकन के बात उसके कब्जे की भूमि में, विवाद उत्पन्न किया जा रहा है. और भविष्य में उस प्रश्नधीन भूमि पर जिसमें पीड़िता के परिवार वालों ने बाउंड्री वॉल कराया है, और काबिज चले आ रहे हैं उसमे कब्ज़ा होने की आशंका है. पीड़िता ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है.




