छत्तीसगढ़ में 15 फरवरी के बाद खर्च पर ब्रेक, वित्त विभाग ने नए टेंडर और खरीदी पर लगाई रोक

छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग ने बजट सत्र 2025–26 को लेकर एक अहम प्रशासनिक फैसला लिया है। राज्य में 15 फरवरी 2026 के बाद नई खरीदी और खर्च पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया गया है।
वित्त विभाग के निर्देशों के अनुसार 15 फरवरी के बाद किसी भी प्रकार का नया टेंडर या क्रय आदेश जारी नहीं किया जाएगा। यह आदेश अगली सूचना तक प्रभावी रहेगा। सरकार का कहना है कि यह कदम राज्य की वित्तीय स्थिति को संतुलित रखने और अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है।हालांकि, 15 फरवरी 2026 तक जारी किए गए सभी वैध क्रय आदेशों का भुगतान 15 मार्च 2026 तक अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, केंद्र सरकार की योजनाओं, केंद्रीय अनुदान, नाबार्ड, सिडबी, राष्ट्रीय आवास बैंक और विदेशी सहायता प्राप्त परियोजनाओं को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है।
इसके अलावा लोक निर्माण, जल संसाधन, पीएचई, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा और वन विभाग की चालू परियोजनाओं में आवश्यक सामग्री की खरीदी जारी रहेगी। जेल, सरकारी अस्पताल, ईएसआई अस्पताल, छात्रावास और आश्रमों के लिए भोजन, कपड़े और दवाइयों की खरीदी पर भी रोक नहीं लगाई गई है।फिलहाल यह फैसला नए खर्चों पर नियंत्रण के साथ-साथ जरूरी सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के संतुलन के तौर पर देखा जा रहा है।




