छत्तीसगढ़

सरकार के फैसले का चौतरफा स्वागत,बीएड धारी शिक्षक नौकरी पर बहाल..

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(दिलीप जगवानी) : छत्तीसगढ़ सरकार ने आज एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए कैबिनेट बैठक में यह प्रस्ताव पास किया है कि b.ed डिग्री धारी जिन शिक्षकों को सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के आधार पर नौकरी से निकाल दिया गया है और जो लगातार हड़तालरत थे उन्हें सहायक शिक्षक विज्ञान प्रयोगशाला के पद पर समायोजित किया जाएगा ।

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2621 ऐसे सहायक शिक्षक हैं जिनको इस निर्णय का सीधे तौर पर लाभ मिलेगा चूंकि इन सहायक शिक्षकों में कला संकाय के भी शिक्षक शामिल हैं और विज्ञान प्रयोगशाला सहायक के लिए विज्ञान  संकाय का अभ्यर्थी होना आवश्यक है इसके लिए सरकार ने यह फार्मूला तैयार किया है कि ऐसे शिक्षकों को 12वीं पुन: विज्ञान संकाय से पास होने के लिए 3 साल का समय दिया जाएगा.

मंत्रिपरिषद की बैठक में सीधी भर्ती 2023 में नियुक्ति उपरांत सेवा समाप्त किये गये 2621 बी.एड. अर्हताधारी सहायक शिक्षकों के हित में महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए उनको अंतर्विभागीय समिति की अनुशंसा अनुसार सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के पद पर समायोजन करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग को अधिकृत किया गया है।


अंतर्विभागीय समिति की अनुशंसा अनुसार हटाये गए बी.एड अर्हताधारी 2621 सहायक शिक्षकों को सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के राज्य में रिक्त 4,422 पदों में समायोजित किया जाएगा। समायोजन गैर विज्ञापित पदों पर किया जाएगा।

कला/विज्ञान संकाय से 12वीं उत्तीर्ण सहायक शिक्षकों को निर्धारित अर्हता (12वीं गणित /विज्ञान) पूर्ण करने हेतु 3 वर्ष की अनुमति दी जाएगी साथ ही इन अभ्यर्थियों को प्रयोगशाला कार्य के संबंध में एससीईआरटी के माध्यम से दो माह का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। अन्य पिछड़ा वर्ग के शेष 355 अभ्यर्थियों के लिए सांख्येत्तर पदों का सृजन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ सरकार के इस फैसले का सर्व शिक्षक संघ समेत चौतरफ़ा स्वागत किया जा रहा है।

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