कांग्रेस मे बयानबाजी के बीच हुई गजनी की एंट्री

(दिलीप जगवानी) : बिलासपुर – इंकार करने के बावजूद कांग्रेस में अंतर्कलह प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा भेजी गई पार्षद पद के प्रत्याशियों की सूची में फेरबदल करने के बाद से शुरू हो गया था जो अपने चरम अवस्था तक पहुंच गया है। चुनाव में भीतरघात को लेकर प्रदेश प्रवक्ता तक का निष्कासन किया गया। अब कोटा विधायक को पार्टी से निकालने जिलाध्यक्ष ग्रामीण विजय केशरवानी और शहर कांग्रेस के अध्यक्ष विजय पांडे ने पीसीसी के अध्यक्ष दीपक बैज को पत्र लिखा है।
अनुशंसा पत्र मे विजय केशरवानी के लिए चपरासी शब्द का प्रयोग करने का उल्लेख किया है। बयानबाजी और एकदूसरे पर हमले के बीच विजय पांडे ने पार्टी मे गजनी छोड़ दिया है। उन्होंने कहा जिन्होंने चुनाव मे पार्टी के लिए काम नहीं किया उन्हें निष्कासन कार्रवाई से पीड़ा पहुंची है, पद बड़ा हो तो जिम्मेदारी भी बड़ी हो जाती है। काम का अवसर आया तो वो गजनी हो गए।
नगर निगम चुनाव मे बड़ी पराजय मिलने के बाद उजागर हो रहा है कि निष्कासन करने वाले पदाधिकारियों ने प्रदेश चुनाव समिति को गुमराह कर तय किए कई पार्षद उम्मीदवारों के नाम काट दिए। विधायक अटल श्रीवास्तव ने यह आरोप लगाते हुए कहा षडयंत्र रचने वालों का पार्टी से निष्कासन अब कार्यकर्ता मिलकर करेंगे।
दबी जुबान से यह भी कहा जा रहा है कि पार्षद पद का टिकट दिलाने कुछ कैंडिडेट से रूपों की मांग भी की गई थी। बहरहाल प्रदेश कांग्रेस की ओर से फिलहाल पूरे मामले मे कोई निर्णय अथवा बयान सामने नहीं आया है परंतु गुटीय द्वंद और अंतर्कलह से जूझ रहे जिला कांग्रेस कमेटी के भीतर से जो बाहर आया है वो बेहद शर्मनाक है।




