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रायपुर जेल में पूर्व सीएम के करीबी आशीष शिंदे पर जानलेवा हमला,अब अगला निशाना कही के के श्रीवास्तव तो नहीं!

 

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रायपुर:-रायपुर सेंट्रल जेल में कानून व्यवस्था नाम की चीज नहीं बची है,राजधानी रायपुर की केंद्रीय जेल में लगातार हो रही चाकूबाजी की घटनाओं ने जेल प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दो दिन के भीतर दूसरी बार जेल में कैदियों के बीच यह स्थिति देखने को मिली है। ताजा मामला गुरुवार को सामने आया, जब आशीष शिंदे और उसके एक साथी पर जेल के भीतर जानलेवा हमला किया गया। दोनों पर हथियार से वार किया गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल कैदियों को इलाज के लिए डॉ. अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।बताया जा रहा है कि आशीष शिंदे,फरार चल रहे केके श्रीवास्तव की मदद करने के मामले में जेल में बंद हैं। केके श्रीवास्तव को भूपेश बघेल का करीबी माना जाता है। फिलहाल, पुलिस और जेल प्रशासन ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है और जेल के अंदर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

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हमले के वक्त हमलावरों ने चिल्लाकर कहा:-“तुझे तो मारेंगे ही!.. और के.के. श्रीवास्तव को भी जान से मार देंगे!” : जेल सूत्रों के मुताबिक, यह हमला उस वक्त हुआ जब के.के. श्रीवास्तव और आशीष शिंदे बैरक में लौट रहे थे। के.के. श्रीवास्तव किसी तरह बैरक में घुस गए, लेकिन जैसे ही आशीष पीछे से अंदर घुसने वाला था, हमलावरों ने अचानक ताबड़तोड़ हमला कर दिया। सूत्रों के अनुसार हमलावारो मे की पहचान की जा चुकी है.

दोनों हमलावर पहले से ही जेल में बंद थे और आपसी रंजिश के चलते इस हमले को अंजाम दिया गया:-

आशीष शिंदे करोड़ों की ठगी के एक बड़े मामले में जेल भेजा गया था, जिसमें के.के. श्रीवास्तव भी सह-आरोपी है। दोनों को एक-दूसरे के काफी करीबी माना जाता है। सवाल उठता है – क्या रायपुर सेंट्रल जेल अब सुरक्षित नहीं है?लगातार हो रही हिंसा, कैदियों और जेल कर्मियों पर हमले इस ओर इशारा कर रहे हैं कि जेल में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

 

सबसे बड़ा सवाल — क्या अब अगला निशाना के.के. श्रीवास्तव हैं?:-

इससे पहले बुधवार को एक जेल प्रहरी (सिपाही) के साथ भी मारपीट की घटना सामने आई थी। लगातार हो रही इन घटनाओं से स्पष्ट है कि जेल के भीतर गिरोहों के बीच तनाव चरम पर है और गैंगवार की स्थिति बन चुकी है। सूत्रों के अनुसार, जेल में प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही है, जिसकी वजह से लगातार हिंसक झड़पें हो रही हैं। सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील माने जाने वाले केंद्रीय जेल में इस प्रकार की घटनाएं जेल प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। फिलहाल, जेल प्रशासन द्वारा घटना की आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है और हमला करने वाले कैदियों की पहचान की जा रही है। साथ ही, जेल में सुरक्षा बढ़ाने के लिए अतिरिक्त कदम उठाने की बात कही जा रही है।पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी और युवा कांग्रेस नेता आशीष शिंदे पर जेल के भीतर जानलेवा हमला किया गया है। जानकारी के अनुसार, दो कैदियों ने मिलकर शिंदे पर हमला किया। फिलहाल घायल शिंदे का डॉ. अंबेडकर अस्पताल में इलाज चल रहा है। हमले की पृष्ठभूमि राजनीतिक और आपराधिक रंजिश से जुड़ी बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, इस हमले के पीछे धोखाधड़ी के एक पुराने मामले में गिरफ्तार हो चुके कांग्रेस के एक अन्य नेता का नाम भी सामने आ रहा है। हालांकि पुलिस ने इस पर अभी औपचारिक पुष्टि नहीं की है लेकिन जांच की दिशा राजनीतिक दुश्मनी और गुटबाजी की ओर इशारा कर रही है।बताया जा रहा है कि आशीष शिंदे पूर्व में फरार चल रहे केके श्रीवास्तव की मदद करने के मामले में जेल में बंद हैं। केके श्रीवास्तव को भूपेश बघेल का करीबी माना जाता है, ऐसे में पूरे घटनाक्रम ने कांग्रेस के भीतर मचे गुटीय संघर्ष को फिर से उजागर कर दिया है। फिलहाल, पुलिस और जेल प्रशासन ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है और जेल के अंदर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

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