बिलासपुर

फायर सेफ्टी में फेल कोचिंग लाइब्रेरी सील, जॉइंट कमेटी की जाँच जारी

(दिलीप जगवानी/जयेन्द्र गोले) : बिलासपुर – अलीबाग अग्निकांड से सबक लेकर ज़ब जाँच की गई तो शहर के कोचिंग संस्थानों मे पढ़ने वाले स्टूडेंट गंभीर संकट मे घिरे मिले। जिन बिल्डिंग मे कोचिंग लाइब्रेरी संचालित किये जा रहे है वहाँ अधिकारियो को फायर सेफ्टी नाम की चीज नही मिली, दो तीन मंजिला इमारतों मे अगर आग भड़कती है तो आने जाने के लिए एक मात्र रास्ता हादसे के नतीजे गंभीर कर सकता है।

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एजुकेशन हब के नाम से मशहूर बिलासपुर का मुंगेली नाका से उसलापुर तक का इलाका कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी की सुविधा का पर्याय बन गया है। इलाके की बहुमंजिला आवासीय और कमशियल इमारतो के भीतर का दृश्य बेहद चौंकाने वाला है ।अलीबाग अग्निकांड से सबक लेकर ज़ब जाँच दल इन कोचिंग संस्थानों मे पहुंचा तो वहाँ पढ़ कर रहे स्टूडेंट गंभीर संकट मे घिरे मिले। फायर सेफ्टी का इंतजाम नही पाकर अधिकारी एक्शन मे आये और एक सप्ताह मे सुरक्षा उपाय करने तक कक्षाएं बंद रखने अल्टीमेटम दिया। बताया गया की एक शिफ्ट मे 80 तक स्टूडेंट होते है। अधिकारियो ने समझाइश देते हुए कहा हादसे से भगदड़ मच गई तो तंग सीढ़ियों से कितने सुरक्षित बाहर निकल सकते है कहना मुश्किल है।हैरानी की बात यह भी है लगभग इन सभी दो तीन मंजिला इमारतों मे आने जाने के लिए एक मात्र रास्ता है जिससे इमरजेंसी मे यह बड़ी बाधा बन सकता है।
दिल्ली और उड़ान आईएएस कोचिंग संचालको को सुरक्षा मानको मे कमी दूर करने हिदायत दी है। जबकि भारती क़ृषि कोचिंग और शिवाय लाइब्रेरी को संचालन मे सुरक्षा की घोर लापरवाही पर तत्काल सील कर दिया।

ऐसी बिल्डिंग्स के निर्माण मे सेकेण्ड एंट्री का प्रावधान किया जाता है फिर मौजूदा सिचुवेशन मे इसका नही पाया जाना नगर निगम की निगरानी व्यवस्था मे गंभीर कमी है। एसडीएम के साथ जाँच दल का नेतृत्व कर रहे नगर निगम के अपर आयुक्त खजाँची कुम्हार ने माना की निर्माण के समय कड़ाई बरती जाती तो हालात इतने संवेदनशील नही होते।

 

तीन कोचिंग संस्थान और आधा दर्जन लाइब्रेरी की जाँच मे पाया गया की स्वर्णिम भविष्य की राह प्रशस्त करने का दावा करने वाले संचालक स्टूडेंट्स की सुरक्षा को लेकर जरा भी गंभीर नही है, और वहाँ पढ़ाने वाले टीचर भी संकट से घिरे है। चारो तरफ हजारों किताबों का ढ़ेर लगा है। एकाग्रता के साथ पढ़ने के लिए व्यक्तिगत जगह के नाम पर प्लाईवुड का पार्टिशन खड़ा कर दिया है। यह किसी भी सूरत मे उचित नही कहा जा सकता वह भी ज़ब इमरजेंसी मे आप निःत्थे खड़े है।

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