छत्तीसगढ़

निलंबित तहसीलदार की एक और करतूत उजागर, एक ही दिन मे आदेश बदलकर की, सिविल कोर्ट की अवमानना.

(आशीष मौर्य संपादक) : सक्ती – जैजैपुर तहसील के निलंबित तहसीलदार नन्द किशोर सिन्हा के खिलाफ ऑनलाइन रिश्वत लेने के मामले के बाद, रोज रोज नए नए खुलासे हो रहे है. 30.10.2023 को व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 जैजैपुर के बटवारा नामा आदेश के खिलाफ जाकर निलंबित तहसीदार नन्द किशोर सिन्हा ने 8/01/25 को दूसरे पक्ष को फायदा पहुंचाने गलत आदेश किया।

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व्यवहार न्यायधीश वर्ग-दो, जैजैपुर का आदेश.

जब पटवारी ने रिकॉर्ड अपडेट करने तहसीलदार के आदेश को पढ़ा तों उसके होश उड़ गए. सिविल कोर्ट के आदेश के खिलाफ जाकर, आदेश करने के मामले में जब तहसीलदार महोदय को लगा कि उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है, तहसीलदार नंद किशोर सिन्हा ने उसी दिन पहले आदेश को फाड़कर दूसरा आदेश जारी किया.लेकिन आवेदक संतोष कुमार चंद्रा ने दोनों आदेश अपने पास सुरक्षित रख लिए.

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अनावेदको को लाभ पहुंचाने किया पहला आदेश दिनांक 08/01/25

अक्टूबर 2023 मे सिविल कोर्ट से बटवारा का आदेश होने के बाद भी डेढ़ साल बीत चूका है, लेकिन उसके बाद भी संतोष कुमार चंद्रा के नाम जमीन नहीं चढ़ाई गयी है. जों की सिविल न्यायालय की अवमानना है. वही तहसीलदार ने सिविल न्यायालय के आदेश के बाद,उसी प्रकरण को नियम विरुद्ध जाकर साल भर अपने कोर्ट मे चलाया,अपने आप को कोर्ट से भी ऊपर समझने वाले निलंबित तहसीलदार नन्द किशोर सिन्हा के खिलाफ रोजाना कुछ ना कुछ विवादित मामले सामने आ रहे है.

एक दिन में बदला आदेश : मामला उजागर होने के डर से,उसी दिन पहले आदेश को बदलकर किया दूसरा आदेश दिनांक 08/01/25

निलंबित तहसीलदार और उसके रीडर विकास खूंटे पर लग रहे आरोप:- पीड़ित संतोष कुमार चंद्रा ने बताया कि तहसीलदार नंदकिशोर सिन्हा और उसका रीडर अपनी मनमानी चलाते थे, सिविल कोर्ट के आदेश का तहसीलदार कोर्ट को पालन करना था, लेकिन तहसीलदार न्यायालय में भी सिविल कोर्ट के प्रकरण को डेढ़ साल खींचा गया.जबकि निलंबित तहसीलदार को सिविल कोर्ट के आदेश के बाद बटवारा का सीधे आदेश करना था. लेकिन मामले को कोर्ट में डेढ़ साल खींचा गया.

शिकायतकर्ता :- संतोष कुमार चंद्रा

सिविल कोर्ट के आदेश का अब तक नहीं हुआ है पालन:- न्यायलयः व्यवहार न्यायाधीश -दो जैजैपुर, जिला जांजगीर चाम्पा (छ.ग.) पीठासीन न्यायाधीशः कु.लीनम बनसोडे) के यहाँ संतोष कुमार चंद्रा ने वर्ष 2018 मे बटवारा का वाद लाया. माननीय कोर्ट ने 30/10/23 को बटवारा करने आदेश दिया.उस आदेश तहसीलदार को पालन करना था. लेकिन उसके बाद भी सिविल कोर्ट के आदेश से ऊपर बढ़कर निलंबित तहसीलदार नंदकिशोर सिन्हा ने अपने कोर्ट में सुनवाई शुरू कर दी. इस तरह कोर्ट के आदेश का अवमानना किया गया. वहीं अब तक कोर्ट के इस आदेश का पालन भी नहीं किया गया है. जिसके कारण प्रार्थी संतोष कुमार चंद्रा तहसील कार्यालय के चक्कर काटने मजबूर है.

मामले मे पीड़ित ने उच्च अधिकारियों से की है शिकायत :- पीड़ित संतोष कुमार चंद्रा ने कोर्ट के आदेश को दुरुस्त नहीं किए जाने को लेकर, कलेक्टर सक्ति से शिकायत की है.दरअसल राजस्व न्यायालय (तहसील कार्यालय) अब ऐसे अधिकारीयों के कारण वसूली का अड्डा बन गया है.मामले में पीड़ित ने न्याय की गुहार लगाते हुए, दोषी अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

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