बिलासपुर CMHO में एंबुलेंस घोटाला! बिना रजिस्ट्रेशन गाड़ियां, खड़ी वाहन में डीजल, करोड़ों की अनियमितता के आरोप…!

(जयेन्द्र गोले) : बिलासपुर में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा बड़ा घोटाला सामने आया है, जहां आम मरीजों को बेहतर सुविधा देने के उद्देश्य से SECL द्वारा वर्ष 2022 में खरीदी गई चार एंबुलेंस ही भ्रष्टाचार का माध्यम बन गईं। आरोप है कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय ने इन वाहनों का परिवहन विभाग में पंजीयन कराए बिना ही बिल्हा, तखतपुर और मस्तूरी खंड चिकित्सा अधिकारियों को सौंप दिया, और बिना रजिस्ट्रेशन ही एंबुलेंस का संचालन शुरू कर दिया गया।
जांच में खुलासा हुआ है कि एंबुलेंस का उपयोग मरीजों के बजाय गैर-अधिकृत कर्मचारियों के भ्रमण में किया गया।
खासतौर पर मस्तूरी और कोटा में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं, जहां खड़ी गाड़ियों में डीजल भरवाकर फर्जी बिल बनाए गए। रिकॉर्ड के अनुसार 26 महीनों में 3639 लीटर डीजल और 41 हजार किलोमीटर चलने का दावा किया गया, जबकि बड़ी संख्या में यात्राएं संदिग्ध हैं और कई एंट्री बिना अनुमति और बिना प्रमाणन के दर्ज की गई हैं।
मामले में फर्जी लॉगबुक, निजी खातों से डीजल भरवाने के नाम पर रिम्बर्समेंट और लाखों रुपए के भुगतान के आरोप भी सामने आए हैं। इतना ही नहीं, सर्विसिंग और पार्ट्स के नाम पर 3 लाख से अधिक के बिल और इंजन के महंगे पार्ट की कथित चोरी ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
संघ ने इस पूरे मामले को बड़े भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए CMHO कार्यालय पर 25 से 30 करोड़ रुपए की अनियमितता के आरोप लगाए हैं। शिकायत कलेक्टर को दी गई थी, जिन्होंने 7 दिन में जांच के निर्देश दिए थे, लेकिन एक साल बाद भी जांच पूरी नहीं होने पर अब RTI से जुटाए गए दस्तावेज CBI और ACB को सौंपने की चेतावनी दी गई है।




