नई दिल्ली (lokswar.in)। करदाताओं एवं सलाहकारों के दबाव में सरकार को आयकर रिटर्न (आईटीआर) फाइल करने की समयसीमा बढ़ानी पड़ गई है। इधर, आधिकारिक आंकड़े बता रहे हैं कि वित्त वर्ष-2017-18 के लिए पिछले हफ्ते तक भरे गए रिटर्न्स की संख्या दोगुनी होकर करीब 3 करोड़ हो गई है। इसी क्रम में टैक्स रिफंड की प्रक्रिया भी जोरों पर है। आंकड़ों के विश्लेषण में पाया कि पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले अब तक रिफंड के 81 फीसदी ज्यादा क्लेम निपटाए जा चुके हैं और इनकी संख्या 65 लाख तक पहुंच चुकी है। सूत्रों ने कहा कि गुरुवार तक रिफंड के लिए 77,700 करोड़ रुपये की रकम मंजूर की गई है जो पिछले वर्ष के 57,551 करोड़ रुपये से 35 फीसदी ज्यादा है। रिटर्न प्रोसेसिंग की नई प्रणाली से सरकार और करदाताओं को मामलों के त्वरित निपटान में मदद मिली है। सरकार यह भी सुनिश्चित कर रही है कि रिफंड को रोका नहीं जाए।
सूत्रों ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिकली फाइल्ड करीब 60 फीसदी रिटर्न की प्रोसेसिंग हो चुकी है। सरकार व्यक्तिगत करदाताओं की रिटर्न फाइलिंग बढ़ाना चाहती है और उसकी योजना इस वर्ष-1.25 करोड़ नई रिटर्न फाइलिंग करवाने की है। पिछले साल 1 करोड़ लोगों ने पहली बार आईटीआर फाइल किया था। अधिकारियों का मानना है कि चूंकि इस बार से लेट फाइलिंग पर जुर्माने का प्रावधान कर दिया गया है, इसलिए लोगों में समयसीमा के अंदर रिटर्न फाइल करने की होड़ है। गुरुवार तक 3 करोड़ ई-रिटर्न्स फाइल किए गए थे जो पिछले सीजन में 26 जुलाई 2017 तक के 1.7 करोड़ फाइल किए गए रिटर्न से 82 फीसदी ज्यादा है।

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