पॉजिटिव महिला की हालत स्थिर, डिस्चार्ज का अंतिम निर्णय स्वास्थ्य विभाग लेगा

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बिलासपुर । शहर की पहली कोरोना वायरस पीड़ित महिला की हालत में मंगलवार को काफी सुधार आया है। अपोलो प्रबंधन का कहना है कि महिला को डिस्चार्ज करने का अंतिम निर्णय स्वास्थ्य विभाग को लेना है। जब तक विभाग ये फैसला नहीं लेता, तब तक उसे अस्पताल में ही रहना होगा। सकरी स्थित रामा लाइफ सिटी निवासी 64 वर्षीय महिला सऊदी अरब से वापस आने के बाद कोरोना वायरस की चपेट में आ गई थी। जिसकी पुष्टि उसके शहर पहुंचने के लगभग 45 दिन बाद हुई थी, जिससे स्वास्थ्य विभाग सकते में आ गया था। 25 मार्च को उसे अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। हालांकि अस्पताल में भर्ती होने के बाद उसकी हालत में तेजी से सुधार भी हुआ। इस संबंध में महिला का इलाज करने वाले डॉ. मनोज राय ने भी हालत में सुधार आने की पुष्टि की है, लेकिन 14 दिन के आइसोलेशन में रखा गया है। अस्पताल प्रबंधन की मानें तो महिला की हालत अब सामान्य है, लेकिन उसे डिस्चार्ज करने का अंतिम निर्णय स्वास्थ्य विभाग ही लेगा। बतादें कि महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसके परिजनों को भी होम आइसोलेस में रखा गया है। साथ ही विभाग की टीम ने उसके घर को केंद्र मानते हुए आस-पास के 3 किलोमीटर के एरिया में रहने वाले लोगों की भी स्वास्थ्य जांच की है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की माने तो महिला के परिजन और नौकरों की जांच रिपोर्ट भी पिगेटिव आई है।
तीन बार सैंपल एम्स भेजा गया
सऊदी अरब से शहर लौटी 64 वर्षीय महिला में 40 दिन तक कोरोना होने के बाद भी स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग को अभी भी संशय है। स्वास्थ्य विभाग ने रिपोर्ट को क्रास चेक करने के लिए दो बार महिला का सैंपल लेकर रायपुर जांच के लिए भेजा गया, दोनों ही बार पॉजिटव रिजल्ट आया। अब जबकि अपोलो महिला की हालत सामान्य बताया रहा है, ऐसे में तीसरी बार उसका सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद भी निगेटिव आने पर ही स्वास्थ्य विभाग उसे डिस्चार्ज करने का निर्णय लेगा।

दो कोरोना मरीज की एम्स से छुट्टी
कोरोना पॉजिटिव आने के बाद रायपुर के एम्स हॉस्पिटल में मरीजों को आइसोलेशन में रखा गया था। पिछले चार दिन में दोनों मरीजों की दो रिपोर्ट निगेटिव आई, जिसके बाद डॉक्टरों ने मरीजों को घर जाने की अनुमति दे दी। एम्स ने मेडिकल बुलेटिन जारी कर बताया है कि रायपुर के रामनगर इलाके में रहने वाले 68 साल और भिलाई के 33 साल के युवक की रिपोर्ट निगेटिव आई है। साथ ही अन्य मरीजों की स्थिति में भी काफी सुधार है। एम्स के डॉयरेक्टर डॉ. नितिन नागरकर का कहना है कि यह डाक्टरों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

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