डीडीओ एलॉट नहीं तो खाक मिलेगी 4 अप्रैल तक तनख्वाह

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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के हजारों शिक्षकों को फरवरी के साथ- साथ मार्च का वेतन भी समय पर मिलने के आसार नहीं है। मुख्यमंत्री ने भले ही 4 अप्रैल तक लॉक डाउन में फंसे शिक्षकों को वेतन देने के लिए आदेशित कर दिया हो लेकिन ट्रायवल क्षेत्र को छोड़ अन्य को डीडीओ और संयुक्त संचालकों को अभी तक कोष एवं लेखा शाखा से आहरण का अधिकार ही नहीं दिया गया है। रोजी-रोटी के लिए पलायन पर गए मजदूरों की समस्या का हल केंद्र और राज्य सरकार निकाल नहीं पाई है। अब दो दिन बाद प्रदेश के हजारों शिक्षकों के वेतन नहीं मिल पाने की समस्या गले पड़ने वाली है। दरअसल फरवरी माह में हर डीडीओ का नया कोड एलाॉट किया जाता है। इसके लिए मार्च माह में सॉफ्टवेयर अपडेट करने और नया डीडीओ कोड देने की प्रक्रिया होती है। यह प्रक्रिया चल ही रही थी की कोरोनावायरस के चलते लॉकडाउन कर दिया गया। इससे प्रक्रिया वहीं की वहीं थमी हुई है। नतीजा यह हुआ कि प्रदेश के हजारों शिक्षकों को तनख्वाह देने वाले स्कूलों के डीडीओ और संयुक्त संचालकों को आहरण का अधिकार कोष एवं लेखा शाखा यानी राजधानी के महालेखाकार से नहीं मिल पाया है। इसके चलते फरवरी माह की तनख्वाह अभी तक लटकी हुई है और मार्च माह की तनख्वाह जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाया गया तो 4 अप्रैल तक मिलना संभव नहीं है। भले ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 4 अप्रैल तक प्रदेश के सभी लोगों को वेतन देने का फरमान जारी कर दिया हो लेकिन डीडीओ कोड आबंटित किए बिना और कोष एवं लेखा शाखा का सॉफ्टवेयर अपडेट किए बिना तनख्वाह मिलना संभव नहीं है? नतीजा छत्तीसगढ़ के शिक्षकों को अभी एक महीना और सफर करना पड़ सकता है। इनमें वह शिक्षक भी शामिल है जो जनवरी 2020 की स्थिति में संविलियन हुए हैं।
वर्जन……..
जिले के ट्रायवल क्षेत्र के लिए डीडीओ एलॉट हो चुका है। शिक्षाकर्मीयों का पंचायत से शिक्षा विभाग में सविलियन होने के कारण नया डीडीओ कोड एलॉट होने में थोड़ी देर हुई है। जो जल्द ही जारी हो जाएगी। समय पर शिक्षकों को वेतन मिल जाएगी।
अशोक भार्गव जिला शिक्षा अधिकारी।

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