दर्जनों वाहन किए गए जप्त, सख्त कार्रवाई की चेतावनी

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बिलासपुर । दुपहिया वाहन चलाकर स्कूल पहुंचने वाले छात्र-छात्राओं पर यातायात पुलिस की कार्रवाई सडक़ पर होने वाले हादसों में बड़ी संख्या उन दुर्घटना का भी है जिनके पीछे नाबालिग वाहन चालक की भूमिका होती है ।यही कारण है कि नए मोटर व्हीकल एक्ट में नाबालिग वाहन चालकों के अभिभावकों के खिलाफ कड़े नियमों का प्रावधान किया गया है लेकिन इसका पालन कड़ाई से ना होने से अभी भी नाबालिक सडक़ों पर अपने वाहनों के साथ फर्राटा भर रहे हैं। यातायात विभाग ने सभी स्कूलों में पहुंचकर स्कूल प्रबंधन और प्राचार्य को यह निर्देश दिया था कि वे यह सुनिश्चित करें कि स्कूल में बच्चे दुपहिया वाहन चलाकर ना पहुंचे । लगता है स्कूल प्रबंधन भी पुलिस की बातों को गंभीरता से नहीं ले रहा , तभी तो शहर के अधिकांश स्कूलों के बच्चे अब भी धड़ल्ले से अपने दुपहिया वाहनों को चलाकर स्कूल पहुंच रहे हैं। स्कूल लगने और छूटने के दौरान सडक़ों पर ऐसे नाबालिग वाहन चालकों की वजह से दुर्घटनाएं हो रही है ।इसे देखते हुए लंबे अरसे बाद एक बार फिर बिलासपुर यातायात पुलिस ने नाबालिक वाहन चालकों के खिलाफ अभियान चलाया।
इसके लिए शहर के कई स्कूलों में एक साथ कार्यवाही की गई।अभियान के दौरान ही ट्रैफिक विभाग ने नाबालिग विद्यार्थियों से दर्जनों दुपहिया वाहन जप्त किए।आपको बता दें कि शहर में लंबे समय से निजी स्कूल तथा सरकारी स्कूलों के नाबालिक विद्यार्थियों द्वारा दोपहिया वाहनों पर ना केवल सवारी किया जा रहा था,,बल्कि वाहनों को सडक़ पर तेज रफ्तार से दौड़ाया भी जा रहा था।शायद यह भी एक वजह है कि सडक़ हादसों में इजाफा भी हुआ है,जिस पर लंबे समय बाद कार्यवाही करते हुए ट्रैफिक विभाग ने तेज रफ्तार से फर्राटे भरने वाले नाबालिक विद्यार्थियों के विरुद्ध सोमवार को शहर के अलग-अलग स्कूलों में अभियान छेड़ा।ट्रैफिक विभाग के इंस्पेक्टर ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रोहित बघेल के निर्देश पर बर्जेस स्कूल,,मिशन स्कूल,,सेंट फ्रांसिस स्कूल तथा महर्षि स्कूल समेत शहर के अलग-अलग निजी तथा सरकारी स्कूलों के बाहर खड़े होकर अभियान चलाया,,और नाबालिग विद्यार्थियों से बाइक जप्त कर ट्रैफिक थाने लाया गया। इसके बाद यातायात थाने के बाहर नाबालिग वाहन चालकों के अभिभावकों की भीड़ लग गई, जो वाहनों को छोडऩे की मिन्नतें करते नजर आए। ट्रैफिक पुलिस ने सभी अभिभावकों से कहा कि वे अपने बच्चों को दुपहिया वाहन देकर ना सिर्फ कानून तोड़ रहे हैं बल्कि उनकी जिंदगी के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं ,इसलिए पहली बार सब को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है ।साथ ही कहा गया है कि अगली बार वे सख्त कार्यवाही के लिए तैयार रहें। हालांकि अनुभव कहता है कि इस चेतावनी से भी अभिभावक कोई सबक नहीं लेंगे और बच्चे पहले की ही तरह स्कूल दुपहिया वाहनों से पहुंचेंगे। इसलिए इस मुद्दे पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्यवाही होनी चाहिए। अगर किसी स्कूल के पार्किंग में बच्चों के दुपहिया वाहन नजर आए तो स्कूल का लाइसेंस कैंसिल कर देना चाहिए तभी इस पर रोक संभव होगी।

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