गुरूजी की एसडीएम ने कराई गिरफ्तारी, शासन को हाइकोर्ट में पड़ी भारी

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बिलासपुर.शिक्षाकर्मी की गिरफ्तारी को कोर्ट ने अवैध मानते हुए शासन को 15 लाख का मुआवजा भरने का आदेश दिया है. आदेश में कहा है कि राज्य शासन को अवैध गिरफ्तारी और अधिकारियों की गलती पर पीड़ित परिवार को मुआवजा देना पड़ेगा. एसडीएम से विवाद के बाद एक शिक्षाकर्मी की गिरफ्तारी की जाती है. गिरफ्तारी के 3 दिनों के बाद उसे शिक्षाकर्मी की मौत गई. मौत के बाद पड़ित परिवार ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई. इसकी सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट जस्टिस गौतम भादुड़ी के सिंगल बैंच ने एक बड़ा आदेश दिया है. इसमें शिक्षाकर्मी की गिरफ्तारी को अवैध माना है. राज्य शासन को अवैध गिरफ्तारी और अधिकारियों की गलती पर पीड़ित परिवार को 2 माह के अंदर 15 लाख का मुआवजा देने का बड़ा आदेश दिए है. 15 लाख में माता-पिता को 4 लाख, पत्नी को 6 लाख और बेटी को 5 लाख रुपए देने के निर्देश दिए है. साथ ही इस मुआवजा की राशि को दोषी एसडीएम, तहसीलदार और बिलासपुर सेंट्रल जेल के कुछ दोषी अधिकारियों से वसूल करने राज्य शासन को छूट दी गई है.
ये था मामला
पथरिया के हाई स्कूल में शिक्षाकर्मी वर्ग -1 में पदस्थ विजय डड़सेना का एसडीएम से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था. एसडीएम के निर्देश पर पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 151 के तहत विजय को गिरफ्तार कर लिया. विजय ने तहसीलदार के पास जमानत की याचिका लगाई जिसे तहसीलदार ने खारिज कर दिया और उसे बिलासपुर सेंट्रल जेल भेज दिया गया. उसके खिलाफ सीआरपीसी की धारा 107, 116 और 151 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था.आदेश में कहा है कि राज्य शासन को अवैध गिरफ्तारी और अधिकारियों की गलती पर पीड़ित परिवार को मुआवजा देना पड़ेगा.

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