मैरिज ब्यूरो की आड़ में चल रहे ठगी के कॉल सेंटर का भंडाफोड़, संचालक समेत 4 गिरफ्तार

(आशीष मौर्य संपादक) : बिलासपुर – पुलिस ने ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत वैवाहिक विज्ञापनों और मैरिज ब्यूरो के नाम पर ठगी करने वाले एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने शहर के सरकंडा और कोतवाली थाना क्षेत्रों में संचालित कॉल सेंटरों पर दबिश देकर संचालक महारथी साहू समेत चार आरोपियों को हिरासत में लिया है।
म्यूल खातों से खुला ठगी का सिंडिकेट:इस पूरे मामले का खुलासा बैंक के ‘म्यूल खातों’ (किराए के खाते) की जांच के दौरान हुआ। पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ खातों में मैरिज ब्यूरो के नाम पर संदिग्ध लेनदेन हो रहा है। इसी बीच बिहार के एक पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई कि शादी के लिए वधु दिखाने के नाम पर उससे 10,000 रुपये जमा कराए गए, लेकिन राशि मिलते ही सेवा बंद कर दी गई।
फर्जी प्रोफाइल और युवतियों का इस्तेमाल:जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी फर्जी मैट्रिमोनियल प्रोफाइल बनाते थे। ग्राहकों को भावनात्मक रूप से फंसाने के लिए गिरोह ने कुछ युवतियों को काम पर रखा था, जो फर्जी नाम से शादी के इच्छुक युवकों से बात कर उन्हें झांसे में लेती थीं। एक बार रजिस्ट्रेशन शुल्क जमा होने के बाद आरोपी ग्राहकों का नंबर ब्लॉक कर देते थे।
बड़ी मात्रा में उपकरण बरामद:पुलिस की छापेमारी में इन कॉल सेंटरों से 70 मोबाइल फोन, 10 कंप्यूटर सेटअप और 20 हजार रुपये नगद बरामद किए गए हैं। बैंक खातों की पड़ताल में लाखों रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन का भी पता चला है।
गिरफ्तार आरोपी:महारथी साहू (संचालक), निवासी जांजगीर-चाम्पा।
फुलेश्वर प्रसाद श्रीवास, निवासी चांटिडीह।
तरुणा उर्फ सोनू खरे, निवासी चांटिडीह।
नीरा बाथम, निवासी अशोक नगर।
पुलिस की चेतावनी:बिलासपुर पुलिस ने शहर के अन्य क्षेत्रों में संचालित संदिग्ध मैरिज ब्यूरो पर भी नजर तेज कर दी है। पुलिस का कहना है कि ऑनलाइन शादी के विज्ञापनों पर भरोसा करने से पहले ब्यूरो की वैधानिकता की जांच जरूर करें। फिलहाल आरोपियों के खिलाफ थाना सरकंडा में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई कि है




