मीटिंग में उद्योगपति और पुत्र पर हमला, रायपुर में 5 के खिलाफ FIR दर्ज.

रायगढ़ – जिले के चर्चित बांके बिहारी समूह के दो परिवारों के बीच चल रहा कारोबारी विवाद अब हिंसक हो गया है। कंपनी के निदेशक हरविलास अग्रवाल और उनके पुत्र आयुष अग्रवाल पर रायपुर में मीटिंग के दौरान हमला हुआ, जिसमें दोनों घायल हो गए। आयुष अग्रवाल को गंभीर चोटें आई हैं और उनका इलाज जारी है।
हरविलास अग्रवाल ने बताया कि घटना रायपुर के तेलीबांधा स्थित सृष्टि गार्डन में 17 अगस्त को हुई।
यह मीटिंग कंपनी के शेयर और प्रबंधन नियंत्रण को लेकर बुलाई गई थी। उनके अनुसार, मीटिंग में उन पर और उनके पुत्र पर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया गया। जब उन्होंने विरोध किया तो गाली-गलौज और मारपीट शुरू हो गई।
हरविलास का कहना है कि उनके पुत्र आयुष को कमरे से बाहर निकालकर दरवाजा बंद कर दिया गया और उनके पैरों पर गंभीर चोट पहुंचाई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पवन अग्रवाल ने उनके पुत्र को जान से मारने की कोशिश की। किसी तरह वे वहां से बचकर निकले।
घटना के बाद हरविलास अग्रवाल ने कोतरा रोड थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने धारा 294, 115(2), 351(2), 118 और 3(5) बीएनएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान लिए जा रहे हैं और मीटिंग स्थल के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।
हरविलास अग्रवाल ने कहा कि वे केवल कंपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए विरोध कर रहे थे।
उन्होंने यह भी कहा कि “यह सब पहले से योजनाबद्ध था और हमें झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की जा रही है।”
उन्होंने बताया कि परिवार में पहले सब कुछ ठीक था, लेकिन जैसे ही कुछ बाहरी लोग दखल देने लगे, विवाद बढ़ गया। उन्होंने सोशल मीडिया पर फैल रही बातों को भी झूठा बताया और कहा कि उनका किसी विवादित व्यक्ति या संगठन से कोई संबंध नहीं है।
ज्ञात हो कि हरविलास अग्रवाल बांके बिहारी पावर एंड स्टील लिमिटेड और बांके बिहारी इन्फ्राकॉम प्रा. लि. के प्रमुख हैं।वे अपने व्यवसाय में पारदर्शिता और समाजसेवा के लिए जाने जाते हैं।वर्तमान में पुलिस जांच जारी है और मामला अब कानून के हवाले है।




