सब्जी-भाजी के साथ, फूलों की खेती बना अतिरिक्त कमाई का जरिया….

(दिलीप जगवानी) : बिलासपुर के किसान फूलों की खेती कर अपना जीवन स्तर सुधार रहे हैं. उन्हें इसमें सालाना लाखों की कमाई हो रही है. यहां के किसान गेंदा गुलाब मोगरा सेवंती जैसे विभिन्न प्रकार के फूलों की खेती कर रहे हैं, जिसकी लोकल बाजार मे अच्छी मांग है। सब्जी भाजी के साथ फूलों की खेती करने से उन्हें अतिरिक्त कमाई हो जाती है।
गेंदा, गुलाब, रजनीगंधा और सेवंती जैसे फूल पारंपरिक खेती से हटकर एक अच्छा विकल्प हैं जिसका इस्तेमाल बिलासपुर के किसान कर रहे है। शहर से लगे कई इलाकों मे किसान अपने खेतों मे रंग बिरंगी सुगंधित फूलों की बड़ी मात्रा मे पैदावार ले रहे है हालांकि इसके लिए उन्हें कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। सब्जी तरकारी के साथ खेतों से उठती महक श्रम का फल है। स्थानीय बाजार मे इन फूलों की आपूर्ति मांग से भी कम है। फिर भी पारंपरिक खेती मे इस नवाचार से फूलों की बड़ी मंडी कोलकाता पर बिलासपुर की निर्भरता कम होने लगी है। किसान ठंड और गर्मियों मे फूल उत्पादन करते है लेकिन वे अभी पूरी तरह से फ्लोरिकल्चर यानी फूलों की खेती अपनाने से कतराते है। नियमित देखरेख और महंगे कीटनाशक से इसकी उत्पादन लागत बढ़ जाती है।
हालांकि जिन किसानों ने फूलों की खेती की शुरुआत किया है वे इसके फायदे को अच्छी तरह समझ गए है। गर्मियों के इस मौसम मे मोगरा सेवंती और गेंदा की खुशबू इन खेतों से निकल कर हाट बाजार और फूल मार्केट पहुंच रही है। जिसमें किसान परिवार अच्छा मुनाफा कमा रहे है।



